ग्वार के मुनाफे का कड़वा सच, जानिए क्या है हकीकत

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-मुकेश भाटिया, कमोडिटी एक्सपर्ट
कोटा। ग्वार में 2012/13 के बाद से सभी (स्टॉक ) पोते वाले मन्दी से परेशान व हैरान हैं। जब ग्वार
में 3000/3200 के भाव चल रहे थे, तो करीब -करीब सभी लोग बोलते थे, कि अबकी बार 4000 आ जावे तो गंगा जी न्हावो और अब 4000 का ग्वार पर बोलते थे 4500 आवे तो एक दाना भी नही रखेंगे, ऐसे मन की लालसा आगे बढ़ती जाती है।

ये बात ग्वार पोते वाले सभी पर लागू है। ग्वार एक ऐसी जिन्स है जो हर आदमी के मन और भाव की कभी तृप्ति नही होती । भाव जैसे जैसे बढ़ेंगे, वैसे- वैसे मन में लालच आता जाता है और आगे से आगे टारगेट मन में संजोय रखता है । तेजी में सबको तेजी ही लगती है, बाद में मन्दी आती हैं तो फ़िर पछतावे के अलावा कुछ भी नही मिलता। मन ही मन में अपने आपको भला बुरा कहते हैं कि हमने कितनी मूर्खता कर दी, जो भाव आये थे उसमें माल बेच नही पाये ।

इसलिये व्यापार कोई भी करो उसमे नफे नुकसान का टारगेट रखो, कि  मेरे को 4000 का ग्वार का 4500 पर 30% व 5000 के भाव पर 30% और बाकी वाला माल अपने भाव 6000 में बेचना है । एेसा करोगे तभी ग्वार के व्यापार में लंबे समय तक चल सकते हैं, नहीं तो फिर हमारे जैसे 3/4 सालों से गोदाम में डाला हुआ देखते ही नही । जिद्द-जिद्द में नुकसान कर लेते हैं । व्यापार में जिद्द नही चलती ।

इसलीये मेरा समझना है कि ग्वार में 4/5 साल से सभी पोते वाले दुःख झेल रहे हैं। इस साल 2018/19 में ग्वार का करीब करीब सभी का नुकसान कवर हो जायेगा और 5000/5500 से ऊपर अपना मन वश में रख कर के थोड़ा थोड़ा मुनाफा बुक कर के पूँजी खड़ी करें । ऊँचे भाव पर वापिस नया लेकर नही फंसे ।

ग्वार , धनिया और अरंडा इस साल बहुत अच्छा रहेंगा । उसमे मौके का फायदा उठावें । ये मेरी समझ है । ये ऊपर जो भी लिखा उसको तेजी-मन्दी से नही जोड़ें । बाकी तो आपका धन आपका मन और आपका विवेक व समझ होवे वैसे करें।