गीगाफाइबरः इनको सस्ते में मिलेगा कनेक्शन, जानिए कौन हैं वे

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मुंबई। रिलायंस जिओ दिवाली से पूरे देश में अपनी गीगाफाइबर सेवा को शुरू कर देगा। रिलांयस ने हाल ही में डेन और हैथवे में हिस्सेदारी भी खरीदी है। ऐसे में इन कंपनियों के यूजर्स को गीगाफाइबर का कनेक्शन बहुत ही सस्ते में मिलेगा। डेन और हैथवे केबल टीवी बिजनेस में सबसे बड़ी कंपनियां हैं।

खर्च करने होंगे केवल 500 रुपये
सूत्रों के मुताबिक डेन और हैथवे के कनेक्शन धारकों को गीगाफाइबर कनेक्शन लेने के लिए केवल 500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने के लिए 4500 रुपये सिक्युरिटी डिपॉजिट देना होगा।

तीन महीने के लिए सबकुछ फ्री
रिलायंस जिओ ने इससे पहले कहा था कि गीगाफाइबर का कनेक्शन लेने वालों को शुरू के तीन महीने सबकुछ फ्री मिलेगा। कंपनी प्रत्येक ग्राहक को 100 जीबी डाटा 100 एमबीपीएस की स्पीड पर देगी।

500 रुपये से शुरू होगा प्लान
कंपनी ग्राहकों के लिए 5 प्लान लांच करने वाली है। इसकी शुरुआती कीमत 500 रुपये और अधिकतम 1500 रुपये होगी। सभी प्लान में डीटीएच कनेक्शन के लिए किसी तरह का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। हालांकि चैनल्स की संख्या में कमी या फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

500 रुपये का प्लान
500 रुपये वाले प्लान में लोगों को हर महीने 300 जीबी डाटा व 50 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।

750 का प्लान
इसके बाद 750 रुपये का प्लान होगा, जिसमें लोगों को 450 जीबी का डाटा मिलेगा। इसमें भी स्पीड 50 एमबीपीएस की मिलेगी।

999 का प्लान
999 रुपये के मासिक प्लान में लोगों को 600 जीबी डाटा और 100 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।

1299 का प्लान
1299 रुपये के प्लान में ग्राहकों को 30 दिनों के लिए 750 जीबी डाटा और 100 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी। सभी प्लान में ग्राहकों को डीटीएच और लैंडलाइन फोन की सुविधा भी कंपनी की तरफ से दी जाएगी।

1500 रुपये प्लान
1500 रुपये वाले प्लान में ग्राहकों को 30 दिनों के लिए 900जीबी डाटा और 150 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।

अन्य कंपनियों पर पड़ेगा असर
अभी टाटा स्काई डीटीएच कंपनियों में मार्केट शेयर के हिसाब से सबसे बड़ी कंपनी है। अगर आप टाटा स्काई के ग्राहक हैं और सभी चैनल्स (एचडी सहित) देखना चाहते हैं तो महीने में कम से कम 800 रुपये जाते हैं।

अमूमन बाजार में मौजूद अन्य डीटीएच कंपनियां जैसे कि एयरटेल, डिश टीवी, वीडियोकॉन डी2एच, रिलायंस बिग टीवी और सन डायरेक्ट के प्लान भी कुछ इसी तरह के हैं। ऐसे में इन कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अपने प्लान और रेट में बदलाव करना पड़ेगा, ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहे।