तिल्ली: नई फसल शीघ्र, कमजोर केरी स्टॉक को देखते हुए तेजी के आसार

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मुकेश भाटिया, कोटा। तिल की नई फसल तैयार हो चुकी है। अगले दस दिन बाद नए माल का श्रीगणेश मंडियों में हो जायेगा। पुराना स्टॉक नहीं होने से बाजार धीरे- धीरे घटेगा। वर्तमान भाव में एक बार मुनाफावसूली लेके माल खरीद की तैयारी करनी चाहिए।

तिल की फसल एमपी, छत्तीसगढ़, यूपी में तैयार खड़ी है। अगले 10-12 दिनों में नया माल आने लगेगा। गत एक माह के अंतराल में बरसात नहीं होने से फली में दाने कम निकलने की बात किसान कह रहे हैं। वास्तविकता कटाई के बाद मिलिंग में यील्ड देखने पर ही स्पष्ट होगी।

फ़िलहाल हर्लिग के माल ग्वालियर लाइन में 102 रुपये किलो चल रहे हैं। छतरपुर नौगांव लाइन में 98:2 का माल 96/98 रुपये चल रहा है। इन बढे हुए भाव पर मिल वाले जरूरतनुसार ही माल खरीद रहे हैं। तिल की बिजाई तो शुरुआती रुझानों के अनुसार बराबर हुई थी।

लेकिन, प्रारम्भ अगैती फसल पर मूसलाधार बारिश का कहर बरपा है। बाद में पानी की खेंच पड़ने से फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इस स्थिति में पुराने माल को धीरे- धीरे चाल मिलने पर बेचते रहना बेहतर लग रहा है। लेकिन, यह ध्यान रहे कि बहुत घबराने की भी जरूरत नहीं है।

नई फसल सामने देख महाराष्ट्र व गुजरात वाले भी माल कम खरीद रहे हैं। इधर उरई, उन्नाव कन्नौज , कानपूर एवं बाँदा लाइन में फसल लगभग तैयार हो चुकी है। अभी तक कड़ी फसल को देखते हुए यील्ड सामान्य बैठने पर 5.5/6 लाख टन के करीब फसल आने का अनुमान है।

पिछले दो साल में फसल एक चौथाई रह गई थी। जिससे पुराना माल पुरे देश की मंडियों का मिलाकर मुश्किल से 15/20 हजार बोरी बेचने का अनुमान है। पिछले सीजन में हमने 6000 की तिल्ली 12000 होने का अनुमान जताया था।

इस वर्ष नीचे में एक बार 80/85 मंडी बिक सकती है। लेकिन, इस बार बाजार ऊपर में 14000/14500 पक्का रहेगा। नोट कर लें तिल्ली इसी साल NCDEX पर आ जाएगी। तिल का व्यापार इस बार भरपूर फायदे का सौदा साबित होगा।