प्रत्याशी हर बैनर-पोस्टर पर बताए कितने अपराध किए, याचिका पर सुनवाई आज

0
104

नई दिल्ली। हाई कोर्ट में मंगलवार को एक अहम याचिका पर सुनवाई होना है। इसमें की गई मांगों को मान लिया गया तो अगले महीने होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हर प्रत्याशी को एक तरह से ढिंढोरा पीट-पीट कर बताना होगा कि उसके खिलाफ किस तरह के अपराध दर्ज हैं। हर प्रत्याशी को अपनी चल-अचल सम्पत्ति का ब्योरा देना होगा और यह भी बताना होगा कि वह कितना पढ़ा-लिखा है।   याचिकाकर्ता की ओर से इसका एक फॉर्मेट भी हाई कोर्ट के समक्ष पेश किया गया है ।  

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने हाई कोर्ट से मांग की है कि चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन राजनीति का आपराधिकरण रोकने और पारदर्शिता लाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का पालन कैसे होगा, इस पर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसलिए तत्काल आदेश जारी कर हर प्रत्याशी के लिए अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को सार्वजनिक करने संबंधी निर्देशों का पालन अनिवार्य किया जाए।

हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है, जिस पर चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की पीठ में 9 अक्टूबर को सुनवाई होगी। याचिका में मांग की गई है कि प्रत्याशी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी उसके प्रचार के लिए लगाए गए बैनर और हॉर्डिंग्स पर भी होना चाहिए।

मांग की गई है कि प्रत्याशी को अपनी हर प्रचार सामग्री के 33 फीसदी हिस्से पर उक्त फॉर्मेट में जानकारी देना होगी। यदि प्रचार में कोई वीडियो या ऑडियो इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसका भी 33 फीसदी हिस्सा इसी तरह की जानकारी पर खर्च करना होगा। यदि कोई प्रत्याशी ऐसा नहीं करता है तो उसका नामांकन रद्द करने की मांग भी हाई कोर्ट से की गई है।

याचिका में मांग की गई है कि प्रत्येक प्रत्याशी अपनी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, चल-अचल संपत्ति का ब्योरा और अपराध का पूरा विवरण तीन बार हिंदी अखबार, तीन बार अंग्रेजी अखबार, तीन बार हिंदी न्यूज चैनल और तीन बार अंग्रेजी न्यूज चैनल पर प्रसारित करें। यही काम अपने उम्मीदवारों के लिए हर राजनीतिक दल करे। अखबार और न्यूज चैनल की सूची चुनाव आयोग बनाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर 2018 के अपने फैसले में कहा था, प्रत्येक उम्मीदवार को शपथ-पत्र में अपने खिलाफ चले अपराधों का विवरण देना होगा। प्रत्याशी के बारे में यही जानकारी उसकी पार्टी की वेबसाइट पर भी होना चाहिए।