पहली छमाही में प्रत्यक्ष कर संग्रह 16 फीसद बढ़कर 5.47 लाख करोड़

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नई दिल्ली । जीएसटी संग्रह भले ही सरकार की उम्मीद के अनुसार न हो लेकिन प्रत्यक्ष कर संग्रह के मामले में प्रदर्शन जोरदार है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5.47 लाख करोड़ रुपये रहा है। सरकार को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में वह प्रत्यक्ष कर संग्रह के लक्ष्य से अधिक राशि जुटाएगी। ऐसे में परोक्ष कर संग्रह के मोर्चे पर अगर उम्मीद के अनुरूप राजस्व नहीं रहता है तो सरकार उसकी भरपाई इससे कर लेगी।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान 1.03 लाख करोड़ रुपये के रिफंड करदाताओं को जारी किए गए हैं जो पिछले साल समान अवधि में जारी किए गए रिफंड की तुलना में 30.4 प्रतिशत अधिक हैं। बहरहाल अगर अप्रैल-सितंबर तिमाही में प्रत्यक्ष कर का शुद्ध संग्रह देखा जाए तो 4.44 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पिछले साल समान अवधि के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है।

इस तरह प्रत्यक्ष कर शुद्ध संग्रह चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के बजट अनुमान 11.50 लाख करोड़ रुपये का 38.6 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट टैक्स में अब तक 19.5 प्रतिशत तथा व्यक्तिगत आय कर में 19.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।