2018 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% रहेगी: ADB

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नई दिल्ली। एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) ने कहा है कि 2018 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.3 पर्सेंट रह सकती है। इकनॉमी को डमेस्टिक डिमांड में बढ़ोतरी, इंडस्ट्रियल ग्रोथ में रिकवरी और एक्सपोर्ट सेक्टर के परफॉर्मेंस में सुधार से सपोर्ट मिलेगा।

एडीबी के चीफ इकनॉमिस्ट यासुयूकी सवादा ने कहा, ‘एनडीए सरकार ने पिछले एक साल में जो सुधार किए थे, उनका फायदा अब दिखने लगा है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू करने पर इकनॉमी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी थी, लेकिन अब वह रिकवर कर रही है।’

एडीबी ने 2018 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 7.3 पर्सेंट और 2019 के लिए 7.6 पर्सेंट पर बनाए रखा है। उसने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के वक्त इकनॉमी पर जो बुरा असर पड़ा था, उसका खत्म होना जारी रहेगा।

सवादा ने कहा, ‘हमें लगता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में रिकवरी जारी रहेगी और अगले साल यह और तेज होगी। इकनॉमी में एडजस्टमेंट जारी है और इनवेस्टर सेंटीमेंट में भी सुधार हो रहा है।’ वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 8.2 पर्सेंट रही।

इस क्वॉर्टर में प्राइवेट कंजम्पशन में 8.6 पर्सेंट की तेजी आई थी। पहली तिमाही के डेटा से यह भी पता चला कि रूरल इकनॉमी नोटबंदी के असर से उबर रही है और वहां लोगों की आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है।

इन्वेस्टमेंट में लगातार दूसरी तिमाही में 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। इसमें सरकार के खर्च बढ़ाने से काफी मदद मिली। केंद्र नए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर काफी पैसा खर्च कर रहा है। एडीबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि इसके साथ बिजनस एनवायरमेंट भी बेहतर हुआ है। हालांकि, रुपये में गिरावट और करंट अकाउंट डेफिसिट भारत के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं।

एशियन डिवेलपमेंट आउटलुक, 2018 नाम की रिपोर्ट में बताया गया है कि डमेस्टिक डिमांड, तेल और गैस के दाम में तेजी और भारत में रिकवरी के चलते अधिकतर एशियाई देशों में ग्रोथ स्टेबल बनी हुई है। हालांकि, ट्रेड वॉर का एशियाई देशों पर बुरा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में एशियाई देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

एडीबी ने कहा है कि तेल के दाम में बढ़ोतरी की भरपाई डमेस्टिक डिमांड और एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से हो सकती है। इस संदर्भ में उसने खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का जिक्र किया है। डमेस्टिकडिमांड में रिकवरी से 2018 में ग्रोथ अच्छी बनी रहेगी।

इकनॉमी को रूरल कंजम्पशन बढ़ने का फायदा भी मिलेगा। इस साल देश में बारिश कमोबेश अच्छी रही है और सरकार ने अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। उसने किसानों की आमदनी बढ़ाने के उपाय किए हैं। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बढ़ने से देश की ग्रोथ तेज होगी।