धरती की प्यास बुझाए बिना विदाई की कगार पर मॉनसून, कई राज्य रह गए प्यासे

0
87

नई दिल्ली।मॉनसून के बादल सिमटने लगे हैं। इस मौसम में जहां देश के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई, वहीं कई इलाकों में इसमें काफी कमी भी दर्ज की गई है। अब तक पूरे देश में मॉनसून की बारिश में कुल 10 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

इस साल मॉनसून 29 मई को केरल पहुंचा और करीब 12 दिन तक यह सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ा। इसके बाद इसकी चाल धीमी पड़ गई। करीब दो हफ्ते बाद इसने रफ्तार पकड़ी और फिर देश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। इसके बाद रफ्तार में उतार-चढ़ाव आते रहे।

भरपूर बारिश की आस नहीं हुई पूरी
देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बारिश में कुल 24 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। अरुणाचल में बारिश में सबसे ज्यादा 32 फीसदी की कमी दर्ज हुई है। इसके बाद असम और मेघालय में 28, झारखंड में 25 और बिहार में बारिश में 21 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अब तक सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 24, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 और पंजाब में 16 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

केरल ने झेला अतिवृष्टि का प्रकोप
मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश में 15, सौराष्ट्र-कच्छ में 32, बाकी गुजरात में 24 और ओडिशा में 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मराठवाड़ा में 15 फीसदी की कमी देखी गई। वहीं, देश के दक्षिणी राज्यों में केरल में इस समय तक सामान्य से 26 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है।

लक्षद्वीप में बारिश में 46, उत्तरी कर्नाटक में 29 और आंध्र के रायलसीमा में 35 फीसदी की कमी दर्ज हुई है। मॉनसून के बादल अब देश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों से हट गए हैं। इनका जमाव फिलहाल देश के पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र में है। इस कारण बाकी जगहों पर अब बारिश में हुई कमी की भरपाई होना मुश्किल है।