कांस्टेबल भर्ती: अंगूठे का क्लोन बना फर्जी अभ्यर्थी ने दी लिखित परीक्षा

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कोटा। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2018 परीक्षा की कथित फुलफ्रूफ व्यवस्था में आखिरकार नकल गिरोह ने सेंध लगा दी। कोटा में चल रही फिजिकल परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा करने वाला एक अभ्यर्थी पकड़ा गया। जयपुर के हरमाड़ा स्थित सेंटर पर अभ्यर्थी ने अपनी जगह पेपर सॉल्व करने के लिए दूसरे व्यक्ति को बैठा दिया। फर्जी अभ्यर्थी ने थंब इंप्रेशन का क्लोन बनाकर पेपर भी दे दिया। जांच की प्रक्रिया में भी ये फर्जीवाड़ा नहीं खुला और वो लिखित परीक्षा में पास भी हो गया।

इसके आधार पर उसे फिजिकल टेस्ट के लिए बुला लिया गया। लेकिन, कोटा में जांच के दौरान फर्जीवाड़ा खुल गया और अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस गिरोह के सरगना समेत पेपर सॉल्व करने वाले बदमाश को तलाश रही है।

एसपी सिटी दीपक भार्गव ने बताया कि अलवर निवासी अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा ने कोटा शहर पुलिस के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में आवेदन किया था। राजेश का जीजा योगेश मीणा नकल गिरोह चलाता है। योगेश ने उसे 2 लाख रुपए में लिखित परीक्षा पास कराने का लालच दिया। फर्जीवाड़ा पकड़ने वाली पुलिस टीम में कांस्टेबल जीतराम व रामकेश शामिल रहे।

जानिए नकल गिरोह ने कैसे लगाई फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था में सेंध…
नयापुरा सीआई मनोज राणा ने बताया कि राजेश की जगह बिहारीलाल नामक युवक ने लिखित परीक्षा दे दी। आधार कार्ड में दोनों की शक्ल इतनी मिलती है कि एक बारगी कोई शक नहीं कर सकता। हालांकि पुलिस आधार कार्ड में भी फर्जीवाड़े की आशंका जता रही है।

अब अंगूठे के निशान को फेल करना चुनौती थी, जिसके लिए राजेश के थंब इंप्रेशन का क्लोन बनाकर बिहारीलाल ने जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा सेंटर पर परीक्षा दे दी। इस फर्जीवाड़े को जयपुर पुलिस नहीं पकड़ सकी। नकल गिरोह ने बायोमैट्रिक मशीन को भी धोखा दे दिया।

फिश ऑयल से बनाते हैं थंब इंप्रेशन का क्लोन
जयपुर पुलिस व एसओजी ने कांस्टेबल भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान मार्च 2018 में थंब प्रिंट की क्लोनिंग कर कैंडिडेट्स की जगह एक्सपर्ट को बैठाकर पेपर हल करवाने के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उस वक्त सामने आया था कि आरोपियों ने यू ट्यूब से थंब इंप्रेशन का क्लोन बनाना सीखा था।

सबसे पहले गर्म वैक्स को किसी सतह पर डालते हैं। यहां अभ्यर्थी के अंगूठे पर फिश ऑयल लगाकर उसका वैक्स पर थंब इंप्रेशन लिया जाता है। इंप्रेशन आने के बाद वैक्स की परत पर फेवीकोल की हल्की परत बिछाने से थंब इंप्रेशन फिक्स हो जाता है। खुलासा तो यह भी हुआ था कि परीक्षा से पहले थंब प्रिंट का क्लोन बनाने के बाद टेस्टिंग के लिए आरोपियों ने आधार कार्ड तक वेरिफाई करवाया था।

कोटा में बायोमैट्रिक मशीन से पकड़ा गया
रविवार को राजेश का फिजिकल टेस्ट कोटा के महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में होना था। बिहारीलाल ने राजेश को थंब इंप्रेशन का क्लोन दे दिया, जो उसने जयपुर में प्रयोग लिया था। राजेश थंब इंप्रेशन का क्लोन अपने अंगूठे पर लगा कर फिजिकल देने पहुंच गया।

कोटा में थंब इंप्रेशन की बायोमैट्रिक जांच में उसके निशान नहीं मिले तो पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने उसकी बारीकी से तलाशी ली तो फर्जीवाड़ा खुल गया। पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पूरी कहानी बता दी।