आपकी कार, बस और ट्रक में होगा अब ‘दिमाग’, जानिए इसका फायदा

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नई दिल्ली। 2022 तक आपकी नई कार या किसी भी हेवी व्हीलर्स, जैसे बस या ट्रक में ऐसी डिवाइस लगकर आएगी जिसका ‘दिमाग’ होगा। जी हां, चौंकिए मत। यहां दिमाग का मतलब है कि वह डिवाइस वाहन के आगे अचानक आने वाली किसी भी चीज को डिटेक्ट करेगी और झट से ब्रेक लगा देगी। इससे रोड ऐक्सिडेंट की आशंका नहीं रहेगी। 

क्या है एडीएएस सिस्टम?
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने गुरुवार को बताया कि सरकार एडीएएस यानी अडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम को अनिवार्य करने वाली है। ADAS सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, आॅटोनॉमस इमर्जेंसी ब्रेकिंग सिस्टम, ऐंटी लॉक ब्रेक्स, लेन डिपार्चर वॉर्निंग और अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल आदि फीचर्स शामिल होंगे।

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सोर्सेज की मानें तो सरकार जल्द ही इस बारे में भी अधिसूचना जारी करेगी कि कितनी स्पीड पर इमर्जेंसी ब्रेकिंग सिस्टम ऐक्टिव होगा। इससे आॅटो कंपनियों को अपना प्रॉडक्शन प्लान करने में भी पर्याप्त समय मिल जाएगा।

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ईएससी यानी इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल सिस्टम फिसलने के खतरे को कम करता है। ईएससी को जैसे ही पता लगता है कि स्टीयरिंग कंट्रोल फेल हो गया है, यह खुद ही ब्रेक लगा देता है। इसी तरह से आॅटोनॉमस इमर्जेंसी ब्रेकिंग सिस्टम वाहन के सामने किसी वाहन या आॅब्जेक्ट को डिटेक्ट करता है और तुरंत ब्रेक अप्लाइ करता है ताकि ऐक्सिडेंट न हो।

अभी एडीएएस फीचर मर्सडीज और वोल्वो जैसी लग्जरी कारमेकर आॅफर करती हैं। सरकार की सालाना सड़क हादसे वाली रिपोर्ट को देखें तो इसमें पाया गया है कि मानवीय चूक के चलते भारत में लगभग 80 फीसदी सड़क हादसे होते हैं।

भारत में हर साल सड़क हादसों में लगभग दो लाख मौतें होती हैं, जो कि दुनिया के किसी भी अन्य मुल्क की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। ADAS सिस्टम में ‘ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर’ का फीचर भी दिया जा सकता है जो कि ड्राइवर के झपकी लेने को डिटेक्ट करता है।