टैक्स डिपार्टमेंट विदेशी बैंकों में जमा कालेधन पर शिकंजा कसने को तैयार

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नई दिल्ली। विदेशों में अघोषत संपत्ति रखने वाले लोगों की चिंता बढ़ने वाली है। कालेधन और टैक्स चोरी पर शिकंजा कसने के मकसद से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अपने पास मौजूद डेटा का टैक्स रिटर्न्स के साथ मिलान शुरू किया है।

हाल ही में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की हैदराबाद में हुई बैठक में चेयरमैन सुशील चंद्रा ने इंटेलिजेंस और इन्वेस्टिगेशन विंग्स के अधिकारियों को डेटा के विभिन्न स्रोतों की पड़ताल करने को कहा ताकि देश से बाहर मौजूद कालेधन पर लगाम लगे।

पिछले करीब 18 महीनों से अधिकारी उन लोगों को ट्रैक कर रहे हैं जिन्होंने नोटबंदी के बाद बैंकों में अधिक राशि जमा की। इसके अलावा पनामा पेपर्स और भारतीयों द्वारा डिपॉजिट और इन्वेस्टमेंट को लेकर हुए खुलासों में आए नामों की भी जांच की जा रही है, जिनमें कुछ बड़े बिजनसमैन और कलाकार शामिल हैं।

सूत्रों ने lendennews.com को बताया कि अथॉरिटीज कम से कम तीन डेटा स्रोतों का इस्तेमाल करेंगी। कभी टैक्स हैवन्स के रूप में फेमस रहे देशों से सूचना साझा करने के समझौतों के बाद मिली जानकारियों पर ऐक्शन होगा। इसी तरह, अमेरिका में रखे गए धन को लेकर वहां का नया टैक्स कानून मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा टैक्स अधिकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा का भी इस्तेमाल करेंगे।

इन स्रोतों से प्राप्त डेटा का टैक्स रिटर्न फाइलिंग के साथ मिलान किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को शक है कि कुछ अघोषित संपत्ति को वापस भारत भेज दिया गया होगा। एक टैक्स अधिकारी ने कहा, ‘अब हमारे पास जानकारी है।

यदि हम उस पर ऐक्शन लेते हैं तो विदेशों में मौजूद कालेधन को काफी हद तक कम कर सकेंगे।’ गौरतलब है कि देश से बाहर मौजूद कालेधन के खिलाफ लड़ाई को बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था।