कोचिंग छात्रों की सुरक्षा एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी कोटावासियों की

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कोटा। चम्बल होस्टल एसोसिएशन की साधारण सभा गुरुवार को बून्दी रोड़ स्थित एक रिसोर्ट पर आयोजित की गई। बैठक में तय किया कि कोचिंग छात्रों की सुरक्षा एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी कोटावासियों की है। इसके लिए सभी शहर वासियों को प्रयास करना होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा एवं सचिव मनीष समदानी ने बताया कि पिछले दिनों  आवासीय भूखण्डों पर बने भवनों एवं होस्टलों पर  व्यावसायिक दर से विद्युत शुल्क लिया जा रहा था, उसे राज्य सरकार ने वापस लेकर बड़ी राहत दी है 

इस  मांग को पूरा करवाने में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ कोटा  कलेक्टर गौरव गोयल ए.डी.एम. सिटी पंकज ओझा, कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन और महासचिव अशोक माहेश्वरी का विशेष सहयोग रहा।

इस अवसर पर उनका अभिनन्दन करते हुए उन्होंने कहा कि लेण्डमार्क सिटी में रहने वाले करीब तीस हजार विद्यार्थिंयों का चम्बल होस्टल एसोसिएशन स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण भोजन, उनके स्वास्थ के प्रति सजग और उनके परिजनों को पूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।

साथ ही एसोसिएशन समय-समय पर स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर एवं उनको प्रसन्न करने के लिए योग शिविर एवं अन्य कार्यक्रम भी आयोजित करती रहती है। हमने यहॉं संस्था द्वारा स्वयं के खर्चे पर सफाई कर्मचारी भी लगाये हुऐे हैं,जो सड़कों एवं नालियों की सफाई करते हैं।

इस अवसर पर कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि कोटा में करीब 1.50 लाख विद्यार्थी कोचिंग के लिए आते है और आज के समय में यह कोटा की आर्थिक धुरी के रूप में सम्बल प्रदान कर रहे हैं।  इससे करीब 3 लाख लोगों को रोजगार एवं व्यवसाय मिल रहा है।

माहेश्वरी ने कहा कि गत दिनों आयी आर्थिक मंदी एवं औद्योगिक पतन ने अन्य व्यवसायियों की हालत पतली कर दी है। आज भी कोचिंग व्यवसाय से कोटा की आर्थिक स्थिति संबली हुई है। वर्ना जी.एस.टी. एवं नोटबन्दी के बाद तो शहर के व्यापार और उद्योग में भारी गिरावट आयी है।

माहेश्वरी ने कहा कि इसके लिए कोटा के सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए और इसे ओर गति देते हुए अपना सहयोग देना चाहिए। व्यापार महासंघ सदैव इस दिशा में ठोस कार्य करता आ रहा है।

पिछले चार वर्ष पूर्व जयपुर वितरण निगम लिमिटेड द्वारा एक सर्कुलर जारी कर कोटा में आवासीय भूखण्डों पर बने भवनों पर व्यवसायिक दर से विद्युत शुल्क थोप कर सीधा कुठाराघात किया था और यह किसी भी मायने में न्याय संगत नहीं था।

हमारे द्वारा किये गये आन्दोलन होस्टल व्यवसायियों के लिए ही नहीं वरन उन सभी आवासों के लिए किया गया था ,जो इसके दायरे में आ गये थे। इसकी न्यायोचितता को देखते हुए  मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया एवं कोटा  कलेक्टर गौरव गोयल ने इसे न्यायोचित मानते हुए पूरे राज्य में आवासीय भवनों को राहत देकर नियमों के अनुरूप कार्य किया। 


 कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने कहा कि हमनें प्रदेश के सभी वर्गों एवं बाहर से आने वाले छात्रों के हितों को देखते हुए इस मांग को गम्भीरता से उठाया था। उन्होंने कहा कि कोचिंग की वजह से ही कोटा में होटल व्यवसाय, होस्टल, रेडिमेड, स्टेशनरी, बुक सेलर, बिल्डिंग मेटेरियल के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यापार करने वाले एवं बेरोजगार युवक-युवतियों को भी रोजगार मिल रहा है। 

एडीएम सिटी पंकज ओझा ने कहा कि कोटा जैसा शैक्षणिक माहौल पूरे देश में कहीं नहीं देखा । यह सब यहां के कोचिंग संस्थानों, होस्टल, व्यवसायियों, उद्यमियों और यहां के आम नागरिकों की एकजुटता से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि कोटा के शैक्षणिक माहौल को ओर गति देने के लिए यहां के आमजन के साथ है।

ओझा ने कहा कि हम शहर की कानून व्यवस्था और अच्छे माहौल को बनाने के लिए सदैव आपके साथ है। उन्होंने कहा पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण पेचिदा मामले को कोटा व्यापार महासंघ ने बड़े तकनीकी ढंग से उठाकर राहत दिलाई है। इसका फायदा यहां रहने वाले विद्यार्थियां को दिया जाना चाहिए।  मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए भी होस्टल एसोसिएशन को कार्य करने चाहिए।

उन्होंने बाहर से आने वाले छात्रों की गतिविधियों एवं होस्टलों में सुरक्षा का भी एसोसिएशन को ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने व्यापार महासंघ द्वारा कोटा के व्यापारियों एवं उद्यमियों की समस्याओं के साथ-साथ जनहित में किये जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

इस अवसर पर चम्बल होस्टल एसोसिएशन के संरक्षक राजकुमार माहेश्वरी एवं मुरली नुवाल ने कहा कि हम सभी के प्रयास से लेण्डमार्क सिटी ने कोटा में अलग से पहचान बनाई है। यहां पर कोचिंग लेने वालों छात्रों और उनके परिजनों की पूरी सुविधा का ध्यान रखा जाता है।

उन्होंने कहा किअगर हमारी संस्था के सदस्य के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही की जाती है तो उसे एसोसिएशन तुरंत रोकने का प्रयास भी करती है। समारोह में शहर के आर्किटेक भुवनेश लाहोटी, बिल्डर दीपक राजवंशी, विरेन्द्र पाण्डया सहित कईं गणमान्य नागरिक एवं  एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया।