जुलाई के निर्यात में फिर से दहाई अंक की बढ़ोतरी

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नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2018-19 में निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। जुलाई में निर्यात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14.32 फीसदी बढ़कर 25.77 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल जुलाई में यह निर्यात 22.54 अरब डालर का था। वहीं इस अवधि में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले आयात में 28.81 फीसदी की बढ़ोतरी रही।

जेम्स व ज्वैलरी, कार्पेट के निर्यात में बढ़ोत्तरी
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि निर्यात के आंकड़ों में लगातार तीसरे महीने दहाई अंकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि बढ़ोतरी दर में गिरावट आई है। एमएसएमई यूनिट खासकर समुद्री उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स, कॉटन, यार्न, कृषि उत्पाद, चमड़ा और चमड़ा उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट्स जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों के निर्यात में गिरावट आई है। हालांकि कुछ जेम्स व ज्वैलरी, कार्पेट, जूट जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों के निर्यात में इजाफा हुआ है।

रुपए में कमजोरी से बढ़ेगा निर्यात
उन्होंने कहा कि 30 में से 21 आइटमों के निर्यात सकारात्मक रहे। पेट्रोलियम, जेम्स व ज्वैलरी, इंजीनियरिंग उत्पाद, आर्गेनिक एंड इन आर्गेनिक केमिकल फियो प्रमुख ने कहा कि रुपए में आई गिरावट से निश्चित रूप से भारतीय निर्यात को थोड़ी मदद मिलेगी।

चालू वित्त वर्ष में एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन रुपये का रहा। हालांकि इसका प्रभाव अलग-अलग सेक्टर पर अलग-अलग होता है। हालांकि टर्की के लीरा में आई गिरावट से टेक्सटाइल निर्यात प्रभावित हो सकता है क्योंकि टर्की टेक्सटाइल निर्यात में भारत को मुकाबला देता है। वैसे ही अर्जेंटिना और ब्राजील की करेंसी में गिरावट से जिंस निर्यात प्रभावित हो सकता है।