दो लाख लोगों ने योग कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, कोचिंग सिटी बनी योग सिटी

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कोटा। शहर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और योग गुरु रामदेव की मौजूदगी में  गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जहां भारत सहित दुनियाभर में योग किया गया वहीं कोटा में योग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। योग गुरु बाबा रामदेव के साथ दो लाख से अधिक लोगों ने योग किया। सभी ने योग के विभिन्न आसन किए। योग के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने विश्व रिकॉर्ड बनने का औपचारिक रूप से एलान किया। 

अभी तक यह रिकॉर्ड मैसूर के नाम था। पिछले साल वहां योग दिवस पर 55 हजार 506 लोगों ने एकसाथ योग किया था।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने योग करने वाले हर 50 लोगों पर एक व्यक्ति को मूल्यांकन के लिए तैनात किया गया। उसने देखा कि लोग योग कर रहे हैं या नहीं। दो जज लंदन से आए। स्वतंत्र ऑडिटर भी बुलाए गए, जिन्होंने परिसर का मूल्यांकन किया। ड्रोन से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी हुई।

लंदन से आई गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम
– गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए 5 स्तर पर योग कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की गिनती हुई। साथ ही यह भी देखा गया कि आए हुए लोग योग कर रहे हैं या नहीं। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के दो जज लंदन से यहां पहुंचे थे।
– रजिस्ट्रेशन होने के बाद जब योग शुरू होगा तो हर 50 लोगों पर मूल्यांकन करने के लिए एक वॉलेंटियर तैनात किया गया। उसने देखा कि उन 50 लोगों में से कितने लोग योग कर रहे हैं।
– इनके अलावा स्वतंत्र ऑडिटर भी बुलाए गए, जिन्होंने परिसर का मूल्यांकन किया। ड्रोन से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी हुई।
हर व्यक्ति को एक बार कोड दिया गया
– आरसीए मैदान में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को एक बार कोड दिया गया। इसके आधार पर उसकी एंट्री हुई। एंट्री के लिए बनाए गए 10 गेट पर करीब 100 बार कोड रीडर लगे थे।
– कोचिंग स्टूडेंट्स को बार कोड पहले ही कोचिंग स्तर पर दे दिए गए थे। जबकि, अन्य लोगों को मौके पर बार कोड दिया गया।
तीन दिन अलग-अलग तरीके से रिकाॅर्ड बनाया
योग कार्यक्रम में लोगों का सुबह 5 बजे से पहले आरएसी ग्राउंड में पहुंचना शुरु हो चुका था। वहीं, योग साधकों द्वारा कोटा में पिछले तीन दिन से अलग-अलग तरीके से रिकाॅर्ड बनाया जा रहा है।
– सोमवार और मंगलवार को 49 और बुधवार को 51 रिकाॅर्ड बनाए गए। ये सभी रिकाॅर्ड गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज हो चुके हैं और उनकी तरफ से साधकों को सर्टिफिकेट भी जारी किए जा चुके हैं।