मिलिए एम्स टॉपर्स से: क्या है सफलता का राज

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कंसेप्ट क्लीयर तो पढने में आता है मजा
महक अरोड़ा
एम्स रैंक- 3
नीट रैंक- 31
मां- रेणु अरोड़ा, चार्टेड एकाउंटेंट

एम्स परीक्षा में ऑल इंडिया तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की क्लासरूम कोचिंग छात्रा महक अरोड़ा पंजाब के पंचकुला की रहने वाली है। 9वीं कक्षा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट चंडीगढ में एडमिशन लिया। 10वीं कक्षा 95.40 प्रतिशत व 12वीं कक्षा 92.6 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। इसी वर्ष महक 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ नीट व एम्स की तैयारी की और दोनों परीक्षाओं के टॉपर्स विद्यार्थियों में जगह बनाई।

नीट में महक ने ऑल इंडिया 31वीं रैंक हासिल की। उसकी पहली पसंद एम्स में दाखिला लेना थी। इसलिए नीट रिजल्ट के बाद एम्स का रिजल्ट जारी होने का बेसब्री से इंतजार था। महक ने बताया कि पिता महेश अरोड़ा का सपना था कि वह डॉक्टर बने। मैं अपने पिता के सपने को पूरा करूंगी। पिता का निधन हो चुका है। मां रेणु अरोड़ा चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए मुझे प्रोत्साहित किया।

महक अरोड़ा ने बताया कि एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में प्रतिदिन साढे चार घंटे की क्लासरूम कोचिंग के अलावा वह छह घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं। फिजिक्स उसका पसंदीदा विषय है। सवालों को हल करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपने टीचर्स से मदद लेती थी। किसी सब्जेक्ट का कांसेप्ट क्लीयर है तो उसे पढ़ने में मजा आता है।

कोचिंग सिस्टम से मदद
अब्दुर्ररहमान
एम्स रैंक- 6
नीट रैंक- 218
पिता- प्रो. मोहम्मद इसरार उल हक, (अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, प्रबंधन विभाग)
मां- डॉ. गुलफिशां खान, (अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, एसोसिएट प्रोफेसर, इतिहास)

ऑल इंडिया छठी रैंक प्राप्त करने वाले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम कोचिंग के छात्र अब्दुर्ररहमान ने नीट परीक्षा में भी ऑल इंडिया 218वीं रैंक प्राप्त की थी। रहमान ने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही सवालों का चयन कर लेता था। उन्हें कई तरीकों से सॉल्व करता, इस प्रेक्टिस को ही सफलता मानता हूं।

एलन में विद्यार्थियों को सफलता दिलाने में ही नहीं बल्कि उन्हें ऑल इंडिया रैंक में स्थान दिलाने के उद्येश्य से पढ़ाया जाता है। वर्ष 2016 में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया। 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एम्स नई दिल्ली से एमबीबीएस करने के बाद रेडियोलॉजी में स्पेशलाइजेशन करना चाहता है।

पढ़ाई को एंजॉय करता हूं
सोमल अग्रवाल
पिता- अनुरोध कुमार अग्रवाल, डिप्टी मैनेजर, डीसीएम
माता – हीमा गुप्ता, संस्कृत व्याख्याता, राजकीय महाविद्यालय कोटा
एम्स रैंक- 9
नीट रैंक- 215

एम्स में अखिल भारतीय स्तर पर 9वीं रैंक प्राप्त करने वाले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र सोमल अग्रवाल का कहना है कि उसने हमेशा पढ़ाई को एंजॉय किया है और यही सफलता का कारण है। कोटा में महावीर नगर तृतीय निवासी छात्र सोमल का कहना है कि मैं जितनी जरुरत होती थी, उतना ही पढता था।

यह जरुरी नहीं कि रोजाना 12-12 घंटे पढ़ें। ऐसा करने से आपको पढ़ाई से बोरियत हो सकती है और आपका प्रदर्शन भी गिरता चला जाएगा। इससे पहले नीट परीक्षा में ऑल इंडिया 215वीं और एनएसटीएसई परीक्षा में ऑल इंडिया 14वीं रैंक प्राप्त कर चुका हूं। 12वीं की परीक्षा में 88.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। पिता अनुरोध कुमार अग्रवाल डीसीएम में डिप्टी मैनेजर और मां हीमा गुप्ता गर्वनमेन्ट कॉलेज कोटा में संस्कृत की व्याख्याता हैं। 

जो पढ़ाया जाता, उसका नियमित रिवीजन किया
नाम : प्रिंस चौधरी
पिता : रामाराम चौधरी, मेडिकल स्टोर संचालक
मां – कमला देवी, गृहिणी
एम्स रैंक- 18
नीट रैंक- 5

राजस्थान के बाड़मेर जिले के छोटे से गांव धौरीमन्ना के छात्र प्रिंस चौधरी ने एम्स में 18वीं रैंक प्राप्त कर शैक्षणिक नगरी का नाम देश में रोशन किया है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम कोचिंग के छात्र प्रिंस ने पिछले दिनों जारी हुए नीट के परिणाम में 686 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 5वीं रैंक प्राप्त की थी।

प्रिंस की प्रारंभिक पढ़ाई बाड़मेर के धोरीमन्ना में ही हुई। यहां 10वीं तक हिन्दी मीडियम से पढ़ाई की, इसके बाद 11वीं व 12वीं में मीडियम इंग्लिश लेते हुए पढ़ाई की। दसवीं में 94.17 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं 12वीं में 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दसवीं में अच्छे अंक प्राप्त होने के साथ ही पिताजी ने कोटा से कोचिंग करवाने का मन बना लिया था। प्रिंस एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करना चाहता था।

प्रिंस नियमित पढ़ाई को ही सफलता का आधार मानता है। उसने बताया कि जो एलन में पढ़ाया जाता था, उसका नियमित रूप से रिवीजन करता था। जब तक रोज की पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक मैं सोता नहीं था। कोचिंग टाइम के अलावा कम से कम छह घंटे रोजाना सेल्फ स्टडी करता था।

फिजिक्स को बनाया सफलता का आधार
आयुषी बंसल
पिता- डॉ. बृजेश कुमार अग्रवाल
मां- डॉ. नमिता अग्रवाल
एम्स रैंक- 38
नीट रैंक- 60
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की क्लासरूम कोचिंग की छात्रा बरेली निवासी आयुषी अंसल ने एम्स परीक्षा में ऑल इंडिया 38वीं रैंक प्राप्त की है। आयुषी ने बताया कि तीनों विषयों को बराबर समय दिया। फिजिक्स उसका पसंदीदा सब्जेक्ट है और इसे ही उसने सफलता का आधार बनाया।

4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी
आयुषी ने बताया कि रोजाना क्लासरूम कोचिंग के अलावा वह पांच से छह घंटे सेल्फ स्टडी करती थी। रोजाना सुबह उठकर पढ़ाई का शेड्यूल तय करती थी। होमवर्क के साथ रिवीजन को भी पूरा समय देती थी। विषयों को लेकर कभी असंतुलन नहीं रहा। तीनों विषयों को बराबर समय देती थी। रोजाना अखबार जरूर पढती थी।

रोजाना दो घंटे बैडमिंटन खेलता था
अमिताभ पंकज चौहान
पिता – डॉ. पंकज चौहान
माता – प्रो. जिग्ना शाह (आरजे टिबरेवाल कॉमर्स कॉलेज)
एम्स रैंक- 5
नीट रैंक- 34
अहमदाबाद के आनंद नगर निवासी अमिताभ पंकज चौहान ने एम्स परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया 5वीं रैंक प्राप्त की है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट छात्र अमिताभ ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया 34वीं व जिप्मेर में 4वीं रैंक प्राप्त की थी। 12वीं में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए। अमिताभ कक्षा 11वीं से एलन का छात्र है। पिता पंकज चौहान चिकित्सक हैं जबकि मां जिग्ना शाह अहमदाबाद के आरजे टिबरेवाल कॉमर्स कॉलेज में प्रोफेसर है। कोचिंग के अलावा घर पर दोपहर 2 से 5 फिर शाम को 8 से रात्रि 11-12 बजे तक पढता था।

हार्डवर्क और नियमित पढ़ाई से ही सफलता
संगीत राठी
एम्स रैंक- 7
नीट रैंक – 22
संस्थान- एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट
पिता- नवीन राठी, हिन्दी शिक्षक व प्राइवेट स्कूल संचालक
मां- मुकेश राठी, गृहिणी

एम्स में अखिल भारतीय स्तर पर सातवां स्थान प्राप्त करने वाले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम कोचिंग के छात्र संगीत राठी स्वामी विवेकानन्द से प्रभावित हैं। संगीत ने बताया कि मुझे जब भी लगता है कि मैं सफल नहीं हो रहा हूं या परेशान हूं तो माता-पिता से बातचीत करता हूं और स्वामी विवेकानन्द को पढ़ता हूं या अध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ता हूं। इससे मुझे ऊर्जा मिलती है। स्वामी विवेकानन्द के साथ-साथ ओशो को भी पढ़ता हूं।

मेरा मानना है कि सफलता के लिए नियमित पढ़ाई और हार्डवर्क जरूरी है। मैं कोचिंग के साथ-साथ नियमित रूप से 6 से 7 घंटे पढ़ाई करता हूं।संगीत ने बताया कि दसवीं में मेरे 7.6 सीजीपीए अंक आए, इसके बाद जब मेडिकल की पढ़ाई शुरू की तो पढ़ने में मजा आने लगा, फिर बारहवीं में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। नीट में अखिल भारतीय स्तर पर 22 वां स्थान प्राप्त किया। आगे न्यूरोलॉजी में पढ़ाई करने की इच्छा है।

टाइम देखकर पढ़ाई नहीं की
नाम- अमूल्य गुप्ता
पिता- आशीष गुप्ता (फैकल्टी, आईसीएआई )
मां- रितु गुप्ता
एम्स रैंक- 8
नीट रैंक- 20
एम्स में अखिल भारतीय स्तर पर ऑल इंडिया 8वीं रैंक प्राप्त करने वाले मुम्बई निवासी छात्र अमूल्य गुप्ता ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया 20वीं रैंक प्राप्त की थी। अमूल्य एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के मुम्बई सेन्टर का क्लासरूम कोचिंग छात्र है। अमूल्य कुछ दिन पहले होमी जहांगीर भाभा सेंटर में बॉयोलॉजी ओलम्पियाड से भाग लेकर लौटा है। इससे पूर्व फिजिक्स व कैमेस्ट्री ओलम्पियाड के लिए भी चयनित हो चुका है। 11वीं और 12वीं कक्षा के केवीपीवाय एग्जाम में 7वीं और 9वीं रैंक प्राप्त कर चुका है। टैलेण्टेक्स में अमूल्स की ऑल इंडिया दूसरी रैंक रही है। अमूल्य ने फिजिक्स विषय को लेकर काफी तैयारी की थी औरएम्स के रिजल्ट में ऑल इंडिया अण्डर 10 रैंक में आने की पूरी उम्मीद थी। उसके पिता आशीष गुप्ता आईसीएआई में फैकल्टी हैं।