अनचाही कॉल से छुटकारा जल्‍द, ट्राई ने जारी किये ड्रॉफ्ट नॉर्म्‍स

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नई दिल्‍ली। टेलिकॉम रेग्‍युलेटर ट्राई ने मंगलवार को अनचाही कॉल और SMS से छुटकारा दिलाने के लिए ब्‍लॉकचेन तकनीक पर ड्रॉफ्ट नॉर्म्‍स जारी कर दिए। इस ब्‍लॉकचेन तकनीक के इस्‍तेमाल से यह तय हो सकेगा कि टेलीमार्केटिंग कंपनियां उन्‍हीं लोगों को मैसेज या कॉल करें, जिन्‍होंने इसके लिए सहमति दी हो। लोग इस ड्रॉफ्ट पर अपनी प्रतिक्रिया 11 जून तक दे सकते हैं।

इस तकनीक को पहली बार ट्राई इस्‍तेमाल कर रहा
ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा के अनुसार ट्राई देश में पहला आर्गनाइजेशन है, जो इस तकनीक का इस्‍तेमाल करने जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि यह ब्‍लॉकचेन तकनीक दो बातें तय करती है पहली है गोपनीयता और दूसरी गैर अस्‍वीकार्य से बचाना। इसमें जो लोग कॉल या SMS के लिए सहमति देते हैं, सेवा प्रदाता उन्‍हीं लोगों को यह सेवा दे पाएंगे।

उपलब्‍ध रहता है पूरा डाटा
इस तकनीक में पूरा डाटा उपलब्‍ध रहता है। इसमें उपभोक्‍ता और कंपनियों के बीच हुआ हर कम्‍युनिकेशन दर्ज होता है। यह तकनीक कस्‍टमर्स की सहमति होने पर ही टेलीमार्केटिंग एजेंसीज को उपभोक्‍ता से जुड़ने देती है।

फर्जी कंपनियों पर लगेगी रोक
टेलीकॉम सेकेट्री एसके गुप्‍ता के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों के साथ कई टेलीमार्केटिंग फर्म रजिस्‍टर्ड होती हैं। टेलीकॉम कंपनियां इन्‍हें उपभोक्‍ताअों का डाटा उपलब्‍ध कराती हैं। लेकिन नए सिस्‍टम में केवल डाटा मांगने पर टेलीकॉम उन्‍हीं कंपनियों को यह दे पाएंगी जो अथराइज्‍ड होंगी।

उन्‍हें भी वही डाटा मिलेगा, जिन ग्राहकों ने ऐसे मैसेज सब्‍सक्राइब करने की सहमति दी हो। उनके अनुसार इस तकनीक के बाद उपभोक्‍ता और टेलीमार्केटिंग कंपनियों के बीच हर संदेश के आदान प्रदान का रिकार्ड डिजिटली मौजूद होगा।

रुकेंगी अनचाही कॉल
ड्रॉफ्ट नार्म के अनुसार इस तकनीक के इस्‍तेमाल के बाद जिन लोगों ने ऐसी कॉल या मैसेज लेने के लिए सहमति दे रखी है उन्‍हें भी बार-बार कॉल करके करने की घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्‍होंने कहा कि अगर किसी उपभोक्‍ता ने सहमति दी है, और इसका गलत फायदा उठाया जाता है, तो इस पर भी रोक लगाई जा सकेगी।