ई -व्हीकल्स के लिए हर 3 किमी. पर लगेंगे चार्जिंग पॉइंट्स!

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वीइकल्‍स के लिए शहरों में हर 3 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही नेशनल हाइवे पर हर 50 किलोमीटर पर ये चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इन स्टेशन्‍स के लिए सरकार इन्‍सेटिव्स और जमीन मुहैया कराएगी।

बता दें, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अथॉरिटीज से सरकार जमीन मुहैया कराएगी जो इलेक्ट्रिक वीइकल्‍स को बढ़ावा देने की कड़ी में सबसे प्रमुख हैं। इस पर सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अगले 3 से 5 वर्षों में अनुमानित 30 हजार से ज्यादा स्लो चार्जिंग और 15 हजार से ज्यादा फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

इनमें कम से कम दो हाइस्पीड चार्जिंग स्टेशन प्वाइंट्स होंगे और शहरों में हर तीन 3 किलोमीटर पर एक फास्ट चार्जिंग पॉइंट होगा। इसी तरह हाइवे पर हर 50 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन होगा।’

‘इन चार्जिंग स्टेशन्‍स को लगाने के लिए जमीन को लेकर सलाह-मशविरा किया जाएगा। साथ ही लोकल अथॉरिटीज और बिजली वितरण कंपनियां चार्जिंग स्टेशन लगाने की इच्छुक कंपनियों को जमीन लंबे समय के लिए जमीन लीज पर दे सकती हैं।’ एनटीपीसी, पावर ग्रिड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन जैसे पीएसयू इन्हें लगाने की शुरुआत कर सकती हैं।

इसके लिए इन कंपनियों ने कई शहरों में लोकेशन की पहचान भी कर ली है। वहीं, केंद्र सरकार इसको लेकर पीएसयूज को सब्सिडी देने पर भी विचार कर रही है। बता दें, इससे पहले ही महाराष्ट्र में एनटीपीसी इसकी शुरुआत करने जा रही है। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने इसे लेकर पिछले हफ्ते एल ऐंड टी मेट्रो रेल (हैदराबाद) से चार्जिंग स्टेशन डिवेलप करने के लिए एक अग्रीमेंट किया है।

इसके तहत ई-कार और ई-3वीलर्स के लिए मेट्रो स्टेशन्स पर चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। इसके लिए कंपनी मेट्रो रेल के सभी कॉरिडोर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलप करेगी। इस महीने में हैदराबाद के मियापुर और बालानगर मेट्रो स्टेशन्स पर दो चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।

वहीं, दूसरी तरफ कंपनी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ बल्क चार्जिंग स्टेशन लगाने को लेकर बातचीत कर रही है। कंपनी गुरुग्राम में 3 वीलर्स के लिए बैटरी स्वापिंग सुविधा देने को लेकर काम कर रही है। इस सिलसिले में कंपनी चेन्नै मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ भी बातचीत कर रही है।

यही नहीं, ओला और उबर के लिए ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स चार्जिंग पॉइंट्स लगाने के लिए इच्छुक नजर आ रही हैं। इनके साथ ही दूसरी स्टार्टअप और सरकारी कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वीइकल्‍स के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने में रुचि ले रही हैं। इसको लेकर पिछले महीने ही पावर मिनिस्ट्री ने यह स्पष्ट किया था कि इलेक्ट्रिसिटी ऐक्ट 2003 के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए अलग से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है।

मिनिस्ट्री के मुताबिक, बैटरी चार्जिंग में अनिवार्य रूप से केमिकल एनर्जी के कन्‍वर्जन के लिए इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग किया जाता है जो बैटरी में संग्रहित होती है। इलेक्ट्रिक वीइकल्‍स के लिए चार्जिंग स्टेशन द्वारा बैटरी चार्ज करना एक सर्विस है जिसमें चार्जिंग स्टेशन को बिजली की खपत की जरूरत होती है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वीइकल के मालिक से इस सर्विस के बदले रेवेन्यू कमाया जा सकता है।