राष्ट्रपति कोविंद ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश को दी मंजूरी

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश,2018 को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे अब अधिकारियों को बैंकों के साथ धोखाधड़ी और जानबूझ कर लोन न चुकाने जैसे आर्थिक अपराध कर देश से भागने वाले लोगों की संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है।

एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि यह अध्यादेश उन आर्थिक अपराधियों के लिए लाया गया है जो देश की अदालतों के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर भाग कर कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं। बयान में किसी का नाम लिए बिना कहा गया , ‘इस अध्यादेश की जरूरत थी क्योंकि अपराध के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होने की संभावना या कानूनी प्रक्रिया के बीच में ही देश की अदालतों के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर भागने वालों की संख्या बढ़ी है।’

इस अध्यादेश का उद्देश्य भगोडे़ जूलरी कारोबारी नीरव मोदी जैसे व्यक्तियों की धोखाधड़ी से सरकारी खजाने या सरकारी बैंकों को हुए नुकसान की तुरंत वसूली की कार्रवाई की कानूनी व्यवस्था करना है। नीरव मोदी और उसके सहयोगियों पर पंजाब नैशनल बैंक के साथ करीब 14 हजार करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

इसकी जरूरत बताते हुए कहा कि इस तरह के अपराधियों के भारतीय अदालतों के सामने हाजिर नहीं होने से जांच में दिक्कतें आती हैं और अदालत का समय बर्बाद होता है। इससे कानून का शासन भी कमजोर होता है। बयान में कहा गया।  ‘कानून में मौजूद दिवानी एवं फौजदारी प्रावधान इस तरह की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम नहीं हैं।’