जाँच में उजागर : मान्यता राजस्थान बोर्ड से, सिलेबस इंग्लिश का

0
22

कोटा। कलेक्टर के आदेश के बाद शिक्षा विभाग का स्कूलों में निरीक्षण जारी है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबों-काॅपियो और यूनिफार्म में अभिभावकों पर दबाव और कमीशनखोरी के मामले सामने आने के बाद यह निरीक्षण किए जा रहे हैं। टीम के निरीक्षण में एक ही दुकान से यूनिफार्म और किताब के भी खरीदने की बात सामने आई है।

सोमवार को सहायक उपनिदेशक माध्यमिक अजीत लोहारिया एडीओ माध्यमिक तारा रानी शर्मा और प्रिंसिपल जगदीश महावर की टीम ने स्कूलों का निरीक्षण किया। इनमें विनोबा भावे नगर स्थित डायमंड एकेडमी व शिवपुरा की दीपक सीनियर सेकेंडरी स्कूल व महाराणा प्रताप एकेडमी का निरीक्षण किया।

इसमें सामने आया कि कुछ स्कूलों में सिलेबस इंग्लिश मीडियम का चलाया हुआ है, जबकि मान्यता राजस्थान बोर्ड से है। टीम ने निरीक्षण के दौरान निर्धारित बिंदुओं पर भी जांच की। वहीं दूसरी ओर टीमों ने शहर के अन्य स्कूलों का भी निरीक्षण किया। मंगलवार को भी टीमों द्वारा प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा।

स्कूलों से पुस्तकें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं करें : कोर्ट
निजी स्कूलों में सरकारी नियमों की पालना कराए जाने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि अनावश्यक रूप से किसी भी अभिभावक को अपने स्कूलों से पुस्तकें, स्टेशनरी, ड्रेस, टाई-बेल्ट खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी आदेश दिया कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान द्वारा इस तरह की बाध्यता की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।