PF मैनेजमेंट में गड़बड़ी का अंदेशा, 433 कंपनियों का ऑडिट करेगा EPFO

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नई दिल्ली। एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने 433 कंपनियों की जांच शुरू कर दी है जिन पर पीएफ मैनेजमेंट में गड़बड़ियों की आशंका है। EPFO ने अपने फील्ड ऑफिसों से इन 433 कंपनियों का तुरंत ऑडिट कर इनकी वित्तीय हालत पता लगाने का निर्देश दिया है।

इन कंपनियों पर अपने एंप्लॉयीज के प्रविडेंट फंड मैनेजमेंट में डिफॉल्ट का अंदेशा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘पीएफ अनुपालन को लेकर कंपनियों को ट्रैक करने वाले EPFO के विभाग ने यह पाया कि अपने खुद के प्रविडेंट फंड ट्रस्ट्स चलाने वाली इन 433 कंपनियों ने अपने एंप्लॉयीज के फरवरी 2018 के पीएफ रिटर्न्स फाइल नहीं किए हैं।’

EPFO ने अपने फील्ड ऑफिसों में भी ऐसा ही आंतरिक सर्कुलर जारी किया है। अपने पीएफ ट्रस्ट्स चला छूट पाने वाली कुल कंपनियों का यह 15 प्रतिशत है। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘पीएफ नियमों के पालन के मामले में कम से कम 675 कंपनियों ने 600 पॉइंट स्केल पर 300 पॉइंट्स ही स्कोर किए हैं।

इन 675 में से कम से कम 433 कंपनियों ने फरवरी के पीएफ रिटर्न्स फाइल नहीं किए हैं जिस कारण ये जांच के घेरे में हैं।’ केंद्रीय पीएफ कमिश्नर वीपी जॉय द्वारा जारी सर्कुलर में सभी फील्ड ऑफिसों से इन कंपनियों का पीएफ अनुपालन को लेकर ऑडिट करने का निर्देश दिया गया है।

पीएफ कमिश्नर ने अपने अधिकारियों को छूट पाने वाले इन ट्रस्ट्स पर कड़ा ऐक्शन लेने का निर्देश दिया है। EPFO अधिकारी इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं या फिर उनको मिलने वाली छूट छीन सकते हैं।

अगर कोई कंपनी एक बार यह टैग खो देती है तो उसे हर महीने की 15 तारीख से पहले अपने एंप्लॉयीज के पीएफ डिडेक्शंस EPFO को बताने होते हैं। साथ ही कंपनी पीएफ निवेश और उससे पर मिलने वाला ब्याज का कोई अधिकार नहीं रह जाता।