बुक स्टॉल्स की पड़ताल, अभिभावक महंगी किताबें खरीदने को मजबूर

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कोटा। शहर में प्राइवेट स्कूलों की ओर से अभिभावकों पर दबाव बनाकर किताबें, कॉपियां, जूते, टाई बेल्ट खरीदने के मामले को कलेक्टर रोहित गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर अधिकारियों ने प्राइवेट स्कूल और बुक स्टाॅल्स की दो दिनों में गहनता से पड़ताल की। उन्होंने अलग-अलग पब्लिशर्स की बुक में रेट के अंतर का भी पता लगाया। साथ कमीशनखोरी की भी जांची।

टीम में जिला परिषद एसीईओ मुरारीलाल वर्मा, तहसीलदार भू-अभिलेख एसडी सिंह, डीईओ एंजिलिका पलात, एडीईओ माध्यमिक राजेश चंदेल शामिल रहे।  एडीईओ राजेश कुमार चंदेल ने बताया टीम ने बारां रोड स्थित पदमपत सिंघानिया, तलवंडी मॉर्डन पब्लिक स्कूल, डीसीएम रोड डॉ. बंशीधर, तलवंडी ग्लोबल पब्लिक स्कूल, जैन बुक डिपो स्टेशन और वल्लभनगर स्थित भंडारी स्टेशनर्स की पड़ताल की। स्कूलों में पड़ताल के बाद बुक स्टॉल्स पर किताबों में अलग-अलग पब्लिशर्स की रेट का भी पता लगाया।

जूनियर केजी की 1102 रुपए की किताबें
जूनियर केजी की पुस्तक की रेट 1102 रुपए है तो सीनियर केजी की रेट 1135 तो इसी तरह फर्स्ट क्लास की रेट रेट 3339 हैं। इसी तरह कक्षा 8वीं की रेट 6091 तक टीम को देखने को मिली।

कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट
एसीईओ मुरारीलाल वर्मा ने बताया कि एक ही कक्षा की किताबों में अलग-अलग पब्लिशर्स की किताबों में 30 से 40 प्रतिशत रेट का अंतर आया है। संयुक्त रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी गई है।