चने की पैदावार 1.11 करोड़ टन होने का अनुमान, पिछले साल से 18 % अधिक

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जयपुर। देश में रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना के चलते मंडियों में चने के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गए हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक चने का रिकार्ड 1.11 करोड़ टन उत्पादन होने की संभावना है, जो पिछले साल से लगभग 18 फीसदी अधिक होगा।

इसके चलते चने के भाव एमएसपी से करीब 800 रुपए प्रति क्विंटल नीचे है। सरकार ने चने का एमएसपी 4400 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं सरकार ने चने पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 60% कर दिया है।

राजस्थान में उत्पादन कम
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता का कहना है कि देश में चने की पैदावार पिछले साल से अधिक होने का पूर्वानुमान है, लेकिन राजस्थान में उत्पादन कम होगा।

वहीं, खपत को देखते हुए अगले चार-पांच माह में चना 20 फीसदी महंगा होने की संभावना है।एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होने के बाद चने में लंबी मंदी के आसार नहीं हैं। कोटा व छबड़ा मंडी में चने की आवक शुरू हो गई है। 

सरसों पैदावार में 20% कमी संभव
रकबा घटने से इस साल प्रदेश में सरसों उत्पादन 20 फीसदी घटकर 24.50 लाख टन रह जाने की आशंका है। इसके बावजूद मंडियों में नई सरसों एमएसपी से नीचे बिक रही है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूशर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मोपा) की संयुक्त बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल प्रदेश में 29.50 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल 24.50 लाख टन सरसों पैदा होने की उम्मीद है।

एसईए के निदेशक डाॅ.बी.वी मेहता के अनुसार इस साल देश में 63.30 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान है, जबकि बीते वर्ष 69.25 लाख टन उत्पादन हुआ था। मोपा के अध्यक्ष बाबूलाल डाटा ने बताया कि देश की मंडियों में इन दिनों दो लाख बोरी से ज्यादा नई सरसों आवक हो रही है।