चिटफंड गिरोह : 37 से ज्यादा लोगों के मकानों पर उठाया करोड़ों का लोन

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कोटा। मकान के दस्तावेजों को स्कैन करके नकली बनाकर उनको गिरवी रखकर पैसे लेने और दस्तावेज बेचने वाले गिरोह के सरगना को रामपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह ने शहर के करीब 37 से ज्यादा लोगों के मकान के असल दस्तावेजों को स्कैन करके नकली बनाए और गिरवी रखकर करोड़ों रुपए बाजार से उधार ले लिए। अब तक 3 करोड़ 9 लाख रुपयों का हिसाब-किताब सामने आया है।

डीएसपी बने सिंह ने बताया कि गिरोह का सरगना भावेश शर्मा (32) पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी घंटाघर को 28 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। भावेश होली के मौके पर घर आया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। भावेश ने इरफान अंसारी, लोकेंद्र सिंह, रफत खान, अल्ताफ, महेन्द्र कुशवाह, शहजाद अली के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचकर धोखाधड़ी की थी।

गिरोह ने करीब 37 लोगों के मकान के फर्जी दस्तावेज बनाकर बतौर सिक्यूरिटी अन्य लोगों के पास गिरवी रखकर बाजार से पैसा उठाया। बदमाशों ने बाकायदा जीएमए प्लाजा में इस चिटफंड कम्पनी का ऑफिस खोल रखा था। बदमाश लोगों से पैसे लेकर थोड़े दिन में दोगुना करने का लालच भी देते थे और फिर बाद में पैसा हड़प लेते थे। बदमाशों ने इस प्रकार बेईमानी, धोखाधड़ी व जालसाजी करके लोगों के कुल 3 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए हड़प लिए। 

महंगे शौक पूरे करने के लिए की धोखाधड़ी: सीआई छुट्टन लाल मीणा ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बदमाशों ने यह पूरी धोखाधड़ी लग्जरी लाइफ जीने के लिए की है। अपने महंगे शौक पूरे करने के यह सारा पैसा खर्च करते गए। बदमाशों ने लग्जरी गाडिय़ां खरीदना कबूल किया है।

जिनमें से वॉक्स वैगन कार भावेश शर्मा के पास है जिसको रहीम भाई के नाम कर रखा है एवं वैगन आर कार स्वयं भावेश के नाम है। पुलिस ने गिरोह के इरफान अंसारी, लोकेंद्र सिंह, रफत खान, अल्ताफ, महेन्द्र कुशवाह, शहजाद अली कुल 6 बदमाशों को पहले गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने 28 को उन्हें कोर्ट में पेश किया था, कोर्ट ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंपा था।

ऐसे करते थे लोगों से ठगी
बदमाशों ने सीताबाई के नाम मकान नंबर 7 बी-55 विज्ञान नगर और लाडकंवर के नाम मकान नंबर 629 शिवपुरा के दस्तावेजों को स्कैन कर फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार किए।

सीताबाई के कूटरचित दस्तावेजों को असली बताकर जहीर अहमद के पास गिरवी रख कर 10 लाख रुपए ले लिए। इसी प्रकार लाडकंवर के मकान के कूटरचित दस्तावेजों को मोदी पंचोली के पास गिरवी रखकर 8 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। इसी प्रकार 37 लोगों को बेवकूफ बनाकर सबको धोखा दिया।