PNB फ्रॉड: नीरव की 9 लग्जरी कारें और गीतांजलि के 86 करोड़ के शेयर्स जब्त

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नई दिल्ली। एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और सीबीआई की कार्रवाई लगातार आठवें दिन भी जारी है। पीएनबी घोटाले में गुरुवार को नीरव मोदी के मुंबई स्थित फॉर्महाउस पर छापा मारा गया। इसके अलावा, नीरव की 9 लग्जरी कारें समेत 7.80 करोड़ रुपए के म्युचुअल फंड और शेयर्स भी जब्त किए।

उधर, मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप के 86.72 करोड़ के कई म्युचुअल फंड और शेयर भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए। वहीं, ईडी ने गिली इंडिया कंपनी के डायरेक्टर अनियथ शिवरामन का मुंबई स्थित घर सील कर दिया है।

ईडी ने नीरव मोदी की 9 कारें जब्त कीं
– एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने नीरव मोदी की 9 लग्जरी कारें जब्त कीं। इनमें एक रोल्स रॉयस घोस्ट, एक पोर्श पैनामरा, 2 मर्सडीज बेंज GL-350 CDI, एक टोयोटा फॉर्च्युनर, 3 होंडा सिटी कार और 1 इनोवा कार।

5649 करोड़ रुपए के जेवर जब्त
– पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 11,356 करोड़ रुपए की चपत लगाने वाले नीरव के ठिकानों से एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने 5649 करोड़ रुपए के जेवर जब्त किए गए हैं।
– जानकारों के मुताबिक, अभी तो पीएनबी ही पूरी तरह से यह नहीं बता रहा है कि मेहुल चौकसी और नीरव मोदी पर कितना पैसा बकाया है।

केस पर फैसले से पहले नीलामी या बिक्री नहीं हो सकती
एडवोकेट सुबोध कुमार पाठक ने बताया कि ईडी की कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉनड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत हो रही है। यह क्रिमिनल केस है। एक्ट में प्राॅविजन है कि आरोपी ने अगर टेंटेड (गलत तरीके से अर्जित) पैसे से प्रॉपर्टी या एसेट बनाया है तो उसे जब्त किया जा सकता है।

लेकिन जब तक मुकदमे पर फैसला नहीं हो जाता है, उसकी नीलामी या बिक्री नहीं हो सकती। अगर जब्त हीरे और जेवरात पर कोई सप्लायर दस्तावेजों के आधार पर यह दावा करता है कि उसने नीरव मोदी को ये हीरे- जेवरात बिक्री के लिए दिए थे, तब मामला और पेचीदा हो जाएगा। उस शख्स का दावा सही निकला तो ये हीरे-जेवरात उसे लौटाने पड़ सकते हैं।

सरफेसी एक्ट के तहत 60 दिन में भुगतान न होने पर होती है नीलामी
यह साफ नहीं है कि नीरव मोदी ने जो लोन लिए उसके बदले उसने क्या मॉर्गेज किए। चल संपत्ति (movable property) में स्टॉक, बुक ऑफ बैलेंस शीट आदि शामिल हैं। अगर मोदी ने स्टॉक मॉर्गेज किया होगा तो सरफेसी एक्ट के तहत नीलामी आसानी से हो सकती है।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो केस खत्म होने पर ही नीलामी होगी। इसके तहत सरकार कर्ज लौटाने के लिए नोटिस देती है। कानून के तहत 60 दिनों में भुगतान नहीं करने पर मॉर्गेज प्रॉपर्टी नीलाम की जा सकती है।

फ्रेंचाइजी और सप्लायर भी कर सकते हैं दावा
– हीरे-जवाहरात कारोबारियों ने बताया कि ईडी ने जिस 5600 करोड़ के माल की बरामदगी दिखाई है, वह फ्रेंचाइजी लेने वाले स्टोरों का भी हो सकता है।
– फ्रेंचाइजी माल लेने से पहले भुगतान करते हैं। ऐसे में फ्रेंचाइजी को माल को वापस करना पड़ सकता है।
– इसके अलावा कोई सप्लायर दावा करता है कि उसने मोदी को ये हीरे-जेवरात बिक्री के लिए दिए थे, तो दावा सही निकलने पर जब्त माल लौटाना पड़ेगा।

गीतांजलि के शेयर फिर 10% नीचे
गीतांजलि जेम्स के शेयर बुधवार को भी 10% लुढ़क गए। 12 फरवरी को शेयर 62.85 रुपए पर थे। तब से 56% गिरावट आ चुकी है। पीएनबी में लगातार दूसरे दिन बढ़त रही। बीएसई में 55 पैसे बढ़त के साथ यह 117.10 रु. पर बंद हुआ।

बैंक प्रमुखों के साथ मंत्रालय की बैठक
पीएनबी धोखाधड़ी से प्रभावित बैंकों के प्रमुखों के साथ वित्त मंत्रालय बैठक करेगा। पीएनबी का तर्क है कि दूसरे बैंकों के अफसरों ने भी नियमों की अनदेखी की है। इसलिए गलती उनकी भी है।

जेपीसी जांच में तृणमूल का अड़ंगा
कांग्रेस घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से चाहती है। लेफ्ट पार्टियां भी सहमत हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस इसके विरोध में है।