स्मार्ट लाइब्रेरी को मिला पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम, देखिए वीडियो

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कोटा। गवर्नमेंट लाइब्रेरी का नाम अब राजकीय पं. दीनदयाल उपाध्याय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय रखा जाएगा। राज्य सरकार के भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश प्रदेश की 35 लाइब्रेरी में लागू होंगे।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार विभाग के अधीन 35 लाइब्रेरी का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से किए जाएंगे। यह नाम राजकीय के बाद लगाए जाएंगे। आदेश मिलने के बाद अधिकारी नाम बदलवाने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। 

हाड़ौती में कोटा में आयकर कॉलोनी स्थित राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, बूंदी में राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय, बारां में राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालय का नाम बदला जाएगा।

इसके अलावा भवानीमंडी में राजकीय सार्वजनिक पंचायत समिति पुस्तकालय शांतिबाई चौराहा का नामकरण किया गया है। राज्य सरकार के भाषा एवं पुस्तकालय विभाग ने प्रदेश की 35 लाइब्रेरी के नाम बदलने के आदेश जारी किए।

सार्वजनिक मंडल लाइब्रेरी एक नजर में
1902 में पायोनियर से शुरुआत

1956 सरकारी स्तर पर शुरू
1969 चल पुस्तकालय दान मल जी की हवेली
1970 दूरदर्शन केंद्र
1984 यूआईटी की फ़र्स्ट फ्लोर
2000 ग्राउंड फ्लोर
2013 आयकर कॉलोनी के भवन
271 चिल्ड्रन मैंबर
21 दृष्टि बाधित
70.63 हजार कुल पुस्तकें
1617 कुल रजिस्टर्ड रीडर

झालावाड़ की लाइब्रेरी का नहीं बदला नाम: भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से 35 लाइब्रेरी के नाम बदलने की प्रक्रिया में झालावाड़ की लाइब्रेरी का नाम शामिल नहीं किया गया है। यहां की लाइब्रेरी का नाम पहले से महाराजा हरीशचंद्र सार्वजनिक पुस्तकालय है। ऐसे में इसका नाम नहीं बदला जाएगा।

यह मिलेंगी सुविधाएं : सहायक लाइब्रेरी प्रभारी शशि जैन ने बताया कि यहां होने वाले निर्माण कार्य में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन संबंधित कार्य भी होगा। इसमें सीसीटीवी कैमरे, एलसीडी, स्मार्ट टीवी, ई-बुक्स सुविधा, टॉकिंग बुक सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

लाइब्रेरी में बनेगा ऑडिटोरियम : लाइब्रेरी प्रभारी डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेशनल मिशन ऑन लाइब्रेरी में शामिल किया गया है। संस्कृति मंत्रालय की ओर से यहां 50 लाख रुपए से ऑडिटोरियम का निर्माण करवाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी को पहले चरण में 16 लाख रुपए जारी कर दिए हैं। इसमें कॉन्फ्रेंस हाल बनेगा, यह साउंड प्रूफ बनेगा।
लाइब्रेरी के नामकरण संबंधित निर्देश मिल चुके हैं।

जल्द ही नामकरण करवा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही नेशनल मिशन ऑन लाइब्रेरी में प्रदेश की एक मात्र लाइब्रेरी को शामिल किया गया है। इसके लिए 50 लाख रुपए का बजट मिल चुका है। इसमें ऑडिटोरियम सहित अन्य सुविधाएं शहरवासियों को मिलेंगी।