कोटा के लुकमान की पेंटिंग हॉलैंड की आर्ट गैलेरी में लगेगी

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कोटा। शहर के रियासतकालीन परंपरा के चित्रकार शेख मोहम्मद लुकमान द्वारा श्रीमद्‌भागवत के 11वें स्कंध में हयग्रीव अवतार पर बनाई पेंटिंग अब हॉलैंड की आर्ट गैलेरी में लगेंगी। यह पेंटिंग हॉलैंड के फरीद भाई ने विशेष रूप से कोटा के चित्रकार द्वारा तैयार करवाई है।

यह मिनिएचर पेंटिंग है। इसे बनाने में 15 दिन से अधिक समय लगा है। सबसे बड़ी बात है कि इसमें एक खास रंग हंसराज हिंगलू  के अलावा स्टोन कलर का इस्तेमाल किया है। इसमें राक्षस के हाथ में खांडा है तो दूसरी तरफ ब्रह्माजी अपने चार पुत्रों के साथ खड़े हैं और ऋषभदेव अवतार में उनके हाथ में शंख, गदा, चक्र और हाथ में फूल के चित्र हैं। 

शेख लुकमान ने बताया कि हॉलैंड की गैलेरी में लगाने के लिए यह पहला दुर्लभ चित्र बनवाया है। सबसे बड़ी बात है कि पेंटिंग में बनने वाली हर जानकारी को वो ऑनलाइन भिजवाते हैं। इसमें एक-एक सब्जेक्ट पर विशेष वर्क किया गया है।
शेख मोहम्मद लुकमान की पेंटिंग पहले भी हॉलैंड के अलावा अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जापान, इंगलैंड देशों में जा चुकी है। 

आचार्य भूपेंद्र शास्त्री बताते हैं कि श्रीमद् भागवत महापुराण के 11वें स्कंध में हयग्रीव अवतार और वध का वर्णन है। एक बार जब प्रलय हुआ था तब ब्रह्माजी निद्रा में थे। वो चार वेदों को अपने पास लेकर सोए हुए थे। इसी बीच राक्षसों ने चाल चली और चार वेदों काे हयग्रीव नामक राक्षस इनको चुरा ले गया। ब्रह्माजी की जब नींद खुली तो उन्हें वेद नहीं मिले।

उन्होंने अपने चार मानस पुत्राें (सनत, सनतकुमार, सनातन और सननंदन) को इसके लिए बुलवाया। लेकिन, बेटों ने असमर्थता जताई। इसके बाद ब्रह्माजी ने नारायण से प्रार्थना की और ऋषभदेव ने उनकी पुकार सुनी और भगवान ने राक्षस का वध किया। इसके बाद चारों वेद प्राप्त किए।