मोदी सरकार का अंतिम आम बजट आज सुबह 11 बजे से

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नई दिल्ली।.देशभर में पिछले साल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद मोदी सरकार का पहला आम बजट गुरुवार सुबह 11 बजे पेश होगा। 25वें वित्त मंत्री अरुण जेटली इसे संसद में पेश करेंगे। यह 2019 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट होगा, क्योंकि अगले साल इंटरिम बजट आएगा।

इस बजट से कई मुद्दों पर देश को उम्मीद हैं। जैसे- क्या सरकार इनकम टैक्स पर मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाएगी। क्या वह पेट्रोल-डीजल सस्ता करने के लिए भी कदम उठाएगी। बता दें कि नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि इस बार का बजट सामान्य से सामान्य आदमी की आशाओं को पूरा करने वाला होगा।

जेटली कब बजट पेश करेंगे?
– जेटली अपना पांचवां बजट सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश करेंगे। अब तक 87 आम और इंटरिम बजट पेश हो चुके हैं। आजादी के बाद पहला आम बजट पहले वित्त मंत्री आरके षण्मुखम् चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। यह मात्र 171.85 करोड़ रुपए का था। पहले बजट के वक्त भारत और पाकिस्तान की करेंसी एक ही थी।
– सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। पी. चिदंबरम ने नौ, प्रणव मुखर्जी ने आठ, यशवंत सिन्हा, यशवंत राव चह्वाण और सीडी देशमुख ने सात-सात और टीटी कृष्णामाचारी और मनमोहन सिंह ने छह-छह आम बजट पेश किए।

जीएसटी के बाद इस बजट में क्या नहीं होगा?
जीएसटी लागू होने के बाद इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव करने का काम वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल करती है। इसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री मेंबर हैं।

मोदी सरकार के लिए यह बजट अहम क्यों है?
नोटबंदी और जीएसटी के बाद इकोनॉमी में गिरावट देखी गई थी। सरकार 2018-19 के वित्तीय घाटे के लक्ष्य को बढ़ा सकती है, क्योंकि आम चुनाव से पहले जनता की स्कीम्स पर खर्च बढ़ सकता है।

यह आम बजट इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साल 8 राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में चुनाव हैं। सरकार इन राज्यों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का एलान कर सकती है।

जानिए, इस बजट से क्या हैं 10 उम्मीदें
1) क्या इनकम टैक्स स्लैब में मिलेगी राहत?
– कहा जा रहा है कि इनकम टैक्स पर मिलने वाली छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक की जा सकती है। इसके लिए इनकम टैक्स के मौजूदा स्लैब में बदलाव किया जा सकता है।
ये है मौजूदा स्लैब
इनकम                                 मौजूदा टैक्‍स रेट
2.5 लाख रुपए तक                       0%
2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक         5
5 लाख से 10 लाख रुपए तक       20%
10 लाख रुपए से ज्यादा              30%

2) क्या 80C में इन्वेस्टमेंट की लिमिट बढ़ेगी?
पिछले साल सरकार ने इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत डिडक्शन लिमिट 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दी थी। उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में इसे 2 लाख किया जा सकता है। इसके तहत पीपीएफ, एलआईसी पॉलिसी और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में इन्वेस्ट कर छूट हासिल की जाती है।

3) क्या पेट्रोल-डीजल के रेट घटेंगे?
उम्मीदें हैं कि आम बजट में जेटली पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का एलान कर सकते हैं। इससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की संभावना रहेगी। पेट्रोल पर 19 रु., डीजल पर 15 रु. एक्साइज ड्यूटी है।
– बता दें कि पेट्रोल 4 साल में सबसे महंगा हुआ है। डीजल की कीमत अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। उदाहरण के लिए दिल्ली में 30 जनवरी को पेट्रोल 72.02 और डीजल 64 प्रति लीटर रुपए बिका।

4) क्या ट्रेनों में बढ़ेगी सिक्युरिटी?
 रेलवे में सिग्नल सिस्टम के मॉडर्नाइजेशन के लिए 78 हजार करोड़ रुपए की लागत को मंजूरी मिल सकती है। पैसेंजर्स की सिक्युरिटी के लिए देश की सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर कैमरे लगाने को हरी झंडी मिल सकती है। 11 हजार ट्रेनों और 8500 स्टेशनों में कैमरे लगाने के लिए रेलवे को 3 हजार करोड़ देने का एलान हो सकता है।

प्लान के मुताबिक, हर कोच में 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसमें एंट्री गेट और गलियारे समेत सभी जगहों को कवर किया जाएगा। फिलहाल 395 स्टेशन और 50 ट्रेनों में ही कैमरे लगे हुए हैं।

5) रेल किराया घटेगा या बढ़ेगा?
इस बार रेल किराया घटेगा या बढ़ेगा? इस पर भी सभी की नजर रहेगी। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से अब तक चार बजट आ चुके हैं, लेकिन एक भी बार रेल किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की गई।

6) क्या डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलेगा?
इस बजट में कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा साइबर सिक्युरिटी पर भी जोर देने की बात कही जा रही है।

7) किसानों की आय बढ़ाने के लिए स्कीम्स
सरकार के मुताबिक मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री और फिशिंग की एक्टिविटीज में बढ़ोतरी 2.1% रही। जबकि ये पिछले साल 4.9% थी। बजट एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकार अपने बजट में इन सेक्टर्स में प्रोडक्शन और इनकम बढ़ाने के लिए सुधार के कदमों का एलान कर सकती है।बता दें कि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा किया है।

8) क्या डिफेंस बजट बढ़ेगा?
अनुमान है कि इस बार सरकार डिफेंस के बजट में इजाफा कर सकती है। इसकी वजह भारत को पाकिस्तान और चीन से मिल रही चुनौतियां हैं। पिछले साल सरकार ने इसमें 6.2% की बढ़ोतरी की थी। 2017-18 में डिफेंस के लिए 2,74,114 लाख करोड़ रुपए अलॉट किए गए थे। वहीं, 2016-17 यह बजट 2.58 लाख करोड़ था।

डिफेंस पर खर्च करने के मामले में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है। भारत का डिफेंस बजट पाकिस्तान से छह गुना ज्यादा और चीन से तीन गुना कम है।

9) क्या कॉरपोरेट टैक्स घटेगा?
अमेरिका लगातार कॉरपोरेट टैक्स में कटौती कर रहा है। उधर, अपनी पहले बजट स्पीच में अरुण जेटली ने आने वाले वर्षों में कॉरपोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 25% किए जाने की बात कही थी। उम्मीद की जा रही है कि ग्लोबल कम्पटीशन को देखते हुए सरकार इस साल कॉरपोरेट टैक्स में कटौती कर सकती है। पिछले साल भी जेटली ने 50 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाली छोटी कंपनियों के लिए इनकम टैक्स 25% रखने का एलान किया था।

10) महिलाओं के लिए खास एलान?
इस बार का आर्थिक सर्वेक्षण पिंक कलर की थीम पर था। ऐसा वुमन एम्पावरमेंट और जेंडर इक्वैलिटी के लिए किया गया था। उम्मीद है कि इस बार बजट में भी महिलाओं से जुड़े खास एलान हो सकते हैं।