कोटा में जेईई-एडवांस्ड का सेंटर नहीं खोलना परीक्षार्थियों के साथ भेदभाव

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आईआईटी के परीक्षा केंद्रों की सूची में कोटा का नाम शामिल नहीं होने पर 10 हजार परीक्षार्थियों ने जताया आक्रोश

कोटा। एजुकेशन हब में दस हजार से अधिक परीक्षार्थी होने के बावजूद आईआईटी बोर्ड ने लगातार छठे वर्ष ऑनलाइन जेईई-एडवांस्ड,2018 का परीक्षा केंद्र बहाल नहीं किया। कोटा के साथ हो रहे शैक्षणिक भेदभाव पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षाविदों एवं राजनेताओं ने गहरा आक्रोश जताया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पंकज मेहता ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मत्री प्रकाश जावेडकर को पत्र भेजकर राज्य के तीसरे बडे संभागीय मुख्यालय कोटा में जेईई-एडवांस्ड का सेंटर खोलने की मांग की थी। कोटा में आईआईटी नहीं खुलने पर सांसद ओम बिरला ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था, लेकिन उनके कार्यकाल में 4 वर्ष से यहां आईआईटी का परीक्षा केंद्र तक नहीं खुल पा रहा है।

सांसद ने संसद में यह आवाज क्यों नहीं उठाई। इसी तरह, राज्य में भाजपा सरकार होने के बावजूद 4 वर्ष में कोटा में ट्रिपल आईटी का कैम्पस तक नहीं बन सका। यह सरासर राजनीतिक विफलता को दर्शाता है। जिस शहर को दुनिया भर में शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता है, वहां परीक्षा केंद्र तक नहीं खोलना, शहर का अपमान है।

उन्होंने चेताया कि कोचिंग व स्थानीय विद्यार्थियों के साथ यह भेदभाव जारी रखा तो कांग्रेस जनआंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि शांत वातावरण होने से बाहरी राज्यों के अभिभावक कोटा पर विश्वास करते हैं, इसीलिए प्रतिवर्ष 1.50 लाख से अधिक कोचिंग विद्यार्थी यहां आते हैं। गर्मी में 10 हजार विद्यार्थियों को दो दिन पूर्व बाहरी केंद्रों पर जाना पडेगा।

विशेषरूप से छात्राओं के साथ अभिभावकों को भी बाहर जाना पडेगा, जिससे मानसिक व आर्थिक भार दोगुना हो जाएगा। यह बच्चों की मेहनत के साथ खिलवाड़ है। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए 155 शहरों में सेंटर बनाए गए। जहां सर्वाधिक परीक्षार्थी हैं, वहां परीक्षा केंद्र क्यों नहीं खोला जा रहा।

5 वर्षों से कोटा संवदेनशील क्यों
सीबीएसई ने 2012 में जेईई-मेन तथा जेईई-एडवांस्ड परीक्षा पैटर्न लागू किया था। जेईई-मेन के ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों सेंटर सहित नीट का सेंटर कोटा में हैं। 2011 में आईआईटी बोर्ड ने जेईई का सेंटर इस आधार पर हटाया था कि कोचिंग संस्थान होने से यहां प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की संभावना रहेगी। जबकि आज तक कोटा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। अभिभावकों ने मांग की कि कोटा का नाम संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर निकाला जाए।

आरटीआई में नहीं मिली जानकारी
नेशनल काउंसलर नीलेश गुप्ता ने आईआईटी बोर्ड को आरटीआई भेजकर जानकारी मांगी थी कि जेईई-एडवांस्ड के लिए परीक्षा केंद्र घोषित करने के मापदंड सार्वजनिक किए जाएं तथा कोटा में सेंटर किस आधार पर रोका जा रहा है, इसकी जानकारी दी जाए। आईआईटी ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी। वे ई-मेल और ट्विटर से भी सेंटर की मांग उठा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि कोटा में जेईई-मेन, नीट, केट, सीपीटी, क्लेट, यूजीसी नेट, गेट, बिट्सेट, एम्स, यूपीएससी, आरपीएससी, आईबीपीएस, वीआईटी, आरआरबी सहित सभी परीक्षाओं के सेंटर हैं। फिर किस आधार पर कोटा के परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के समान अवसर से वचित किया जा रहा है।