IT शेयरों में 27% तक रिटर्न का अनुमान, मॉर्गन स्टैनले ने बढ़ाई रेटिंग

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नई दिल्ली। ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस मेजर मॉर्गन स्टैनले ने इंफोसिस, टेक महिंद्रा, परसिस्टेंस, साइंट और एचसीएल टेक जैसी आईटी कंपनियों की रेटिंग अपग्रेड कर उन्हें ओवरवेट की श्रेणी में शामिल किया है। वहीं, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल सहित कुछ दूसरी कंपनियों के लिए टारगेट बढ़ा दिया है।

मॉर्गन स्टैनले का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक सिनैरियों में सुधार होने का फायदा इस साल आईटी सेक्टर को मिलेगा। 

2018 IT सेक्टर के लिए होगा बेहतर  
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल सेक्टर में टेक्नोलॉजी के स्तर पर कुछ बदलाव हुए। क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन जैसे ट्रेंड सेक्टर के लिए इश्‍यू रहे। वहीं, ग्लोबल स्तर पर मार्केट सुस्त रहने की वजह से डील कन्वर्जन भी सुस्त रही।

रुपए में मजबूती और डॉलर की कमजोरी का भी सेक्टर को नुकसान उठाना पड़ा। इस वजह से 2017 में आईटी सेक्टर सबसे कम रिटर्न देने वाले सेक्टर में शामिल रहा।  लेकिन, अब ग्लोबल स्तर पर माहौल बदला है। यूएस में इकोनॉमिक रिकवरी है, यूरोप में भी माहौल बेहतर है।

भारतीय कंपनियों का ज्यादातर बिजनेस यूएस और यूरोप में ही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन देशों से डिमांड बढ़ने का फायदा कंपनियों को होगा। 2018 में आईटी सेक्टर में रिकवरी रहेगी। टेक्नोलॉजी सर्विसेज 2018 में सॉफ्टवेयर के बाद सबसे तेज ग्रोथ करने वाला दूसरा सब सेक्टर होगा। 
 
कॉरपोरेट टैक्स घटने का फायदा
वहीं, कंसल्टेंसी फर्म आईएसजी का कहना है कि यूएस में कॉरपोरेट टैक्स कट होने का भी फायदा आईटी कंपनियों को होगा। इससे कंपनियों का पैसा बचेगा और उन पैसों को कंपनियां टेक्नोलॉजी को और बेहतर करने के लिए खर्च कर पाएंगी। 
 
इन सेक्टर से बढ़ेगी आईटी में डिमांड
मॉर्गन स्टैनले का कहना है कि 2018 में खासतौर से बैंकिंग, रिटेल और इंश्‍योरेंस सेक्टर की ओर से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की डिमांड बढ़ेगी। इसके अलावा डिजिटल पर फोकस करने वाली कंपनियां भी डिमांड बढ़ाएंगी। इन वजहों से आईटी कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा। 
 
डिजिटल डील का साइज भी बढ़ा 
रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल डील का साइज बढ़ रहा है। जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि आईटी सेक्टर की कंपनियां नए ट्रेंड को अपना रही हैं। इसके अलावा इंश्‍योरेंस सेक्टर से भी हाल में कुछ बड़ी डील हुई हैं।