गर्ल्स की मेरिट लिस्ट अलग होगी जेईई एडवांस में

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कोटा। आईआईटी के साल 2018-19 के एकेडमिक सेशन में गर्ल्स स्टूडेंट्स को 14 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन देने के लिए अब उनकी अलग से मेरिट बनाई जाएगी। जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर गर्ल्स की मेरिट तैयार की जाएगी।
इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय ने आईआईटी को निर्देश दिए हैं। अभी ब्वॉयज व गर्ल्स की कॉमन मेरिट बनती है।

अलग मेरिट बनने के बाद भी अगर गर्ल्स स्टूडेंट्स की सीट खाली रहती है तो उससे नीचे की रैंक की गर्ल्स स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि एक दिक्कत यह है कि अभी एनआईटी सिस्टम और आईआईटी के लिए कॉमन काउंसलिंग होती है।

गर्ल्स की मेरिट अलग से बनने पर कॉमन काउंसलिंग के सिस्टम में भी कुछ संशोधन किया जा सकता है। उधर, मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि अभी आईआईटी में जेंडर गैप बहुत अधिक है। सरकार की मंशा है कि साल 2026 आईआईटी की 20 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं को एडमिशन मिले।

यह होगा नुकसान
अभी आईआईटी की दौड़ में 70 प्रतिशत लड़के और 30 प्रतिशत लड़कियां होती हैं। लड़कों में कॉम्पटीशन अधिक होता है। इस अघोषित आरक्षण के दौरान काबिलियत रखने वाले ब्वॉयज स्टूडेंट्स रेस से बाहर हो जाएंगे और कम अंकों पर लड़कियों को एडमिशन मिल जाएगा।

इससे पहले आईआईटी में एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण के आधार पर एडमिशन दिया जा रहा है। कुछ दिन पहले जारी एक आदेश में यह साफ हो गया था कि गर्ल्स के खाली सीटों पर लड़कों को एडमिशन नहीं मिलेगा। यह सीटें सुपरन्यूमेरी कहलाएंगी। इस कैटेगरी में विदेशी स्टूडेंट्स को भी एडमिशन दिया जाता है।

10 हजार की स्कॉलरशिप मिलेगी आईआईटी स्टूडेंट्स को
अब आईआईटी स्टूडेंट्स को लर्न, अर्न और रिटर्न प्रोग्राम के तहत जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर 4 साल तक प्रतिमाह 10 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिलेगी। इस स्कॉलरशिप से स्टूडेंट्स की आईआईटी की पढ़ाई फ्री हो जाएगी। पहले चरण में 3 स्टूडेंट्स को आईआईटी खड़गपुर के एल्युमनाई फंक्शन के दौरान यह स्कॉलरशिप प्रदान की गई है।

यह स्कॉलरशिप फर्स्ट ईयर के अंत में जेईई एडवांस के अंकों के आधार व दूसरे से चौथे साल 9 सीजीपीए हासिल करने पर लगातार मिलेगी। इससे होशियार स्टूडेंट्स में आईआईटी में पढ़ने में आने वाली वित्तीय समस्या का समाधान हो जाएगा। यह स्कॉलरशिप आईआईटी खड़गपुर से पास अाउट और देश व विदेश में बड़ी कंपनियों में काम कर रहे स्टूडेंट्स की ओर से स्पांसर की जा रही है।