एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सभी विज्ञान केंद्र बनाएंगे सीप मोती प्रोजेक्ट

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कृषि अनुसंधान केंद्र उम्मेदगंज में मेडिसिन गार्डन वेजीटेबल हब होगा स्थापित

कोटा/झालावाड़। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कुलपति प्रो. जीएल केशवा ने कहा कि यूनिवर्सिटी के सभी छह कृषि विज्ञान केंद्र सीप मोती फार्मिंग प्रोजेक्ट बनाएंगे। जो फिजिबल होगा, वहां सीप मोती फार्मिंग शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ने उम्मेदगंज कृषि अनुसंधान केंद्र पर मेडिसिन गार्डन वेजीटेबल उत्पादन हब स्थापित करने की योजना बनाई है।

कुलपति झालावाड़ के उद्यानिकी वानिकी कॉलेज में वरिष्ठ अधिकारी परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कृषि विज्ञान केंद्र पर एक फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी तैयार की जाएगी। जो किसानों के हित में काम करेगी। अनुसंधान केंद्र के बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत सर्टिफाइड सीड तैयार किया जाएगा।

उसे किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। यूनिवर्सिटी की हॉर्टिकल्चर विंग को हाईटेक कर स्टूडेंट्स को उद्यानिकी के क्षेत्र में कुशल बनाया जाएगा। इस बैठक में कुलपति प्रो. केशवा ने पूर्व बैठक की कार्यवाही का विवरण पढ़ा, कार्य की अनुशंसा कर उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की।

इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने वर्ष 2017 की उपलब्धियां, वार्षिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। इस मौके पर कुलपति ने यूनिवर्सिटी से सरकार को भेजे एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रस्ताव पर चर्चा करते संभावना जताई कि इस वर्ष विश्वविद्यालय में कृषि महाविद्यालय की स्थापना होगी।

इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वार्षिक कलेंडर का विमोचन किया गया। बैठक की मेंबर सेक्रेट्री डॉ. ममता तिवारी ने विश्वविद्यालय की योजनाओं की जानकारी दी।

बैठक में झालावाड़ कॉलेज के डीन डॉ. पीके दशोरा, निदेशक प्रसार डॉ. केएम गौतम, निदेशक अनुसंधान डॉ. प्रताप सिंह धाकड़, निदेशक मानव संसाधन विकास डॉ. केएन ओझा, निदेशक स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. एमसी जैन, कुलसचिव एसआर मीणा वित्त नियंत्रक डॉ. विधि शर्मा समेत सभी कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।