गुदड़ी के लाल कवि “हलधर”- देखिये वीडियो

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दिनेश माहेश्वरी, कोटा। रामनारायण मीणा हलधर की हाल ही में गजल संग्रह “अभी उम्मीद बाकी है, प्रकाशित हुई है। उनकी लेखन कला को लेकर हमारे चैनल LD NEWS ने उनसे साक्षात्कार किया। हालाँकि हलधर कोटा आकाशवाणी में सीनियर अनाउंसर हैं. परन्तु उनकी काव्य रचनाओं के कारण उन्हें कवि के रूप में एक नई पहचान मिली है।

हलधर छीपाबड़ौद के पास छोटे से गांव तूमड़ा में किसान परिवार में जन्में हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी हलधर की दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। जिनमें से एक “शिखरों के हक़दार” दोहा संग्रह और दूसरी “अभी उम्मीद बाकी है”, गजल संग्रह जिसका विमोचन कुछ ही दिन पहले प्रकाशित हुआ है। 

वे सार्वजानिक मंच पर भी काव्य पाठ करते रहे हैं। एक तरह से उन्हें गुदड़ी के लाल भी कह सकते हैं। उनकी अधिकांश रचनाओं में ग्रामीण संस्कृति की झलक और किसानों का दर्द झलकता है। साक्षात्कार में हमने उनके अनकहे और अनछुए पहलुओं को पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है। तो आइये देखिये वीडियो –