तीन तलाक बिल राज्यसभा में पेश, विपक्ष का विरोध

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नई दिल्ली। एक बार में तीन तलाक को अपराध करार देने वाला बिल राज्यसभा में पेश कर दिया गया है। इस पर चर्चा हो रही है। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल को लोकसभा पिछले हफ्ते ही पास कर चुकी है।

बिल को लेकर CPI, CPIM, DMK, AIADMK, BJD, AIADMK और सपा ने राज्यसभा के सभापति के साथ मुलाकात की। इन पार्टियों ने बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजे जाने की मांग की है। उधर, यूनियन मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ट्रिपल तलाक बिल पर कन्फ्यूज है।

सरकार ने क्या कहा?
– न्यूज एजेंसी से बातचीत में पार्लियामेंट्री अफेयर मिनिस्टर अनंत कुमार ने कहा- हम ट्रिपल तलाक बिल पर कांग्रेस और बाकी दूसरी पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि राज्यसभा में इसे पास कराने में दिक्कत नहीं होगी।
सीपीआई और डीएमके का रुख एक जैसा

– सीपीआई सांसद डी. राजा ने कहा- यह आज के लिए लिस्टेड था। जहां तक लेफ्ट पार्टियों का संबंध है, हमारी मांग है कि इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा- इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए।

– शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी बिल को राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की है। पार्टी सांसद माजिद मेमन ने यह मांग रखी।

कांग्रेस ने नहीं लिया फैसला
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस ट्रिपल तलाक बिल पर अब तक फैसला नहीं ले पाई है। वो दूसरी पार्टियों से बात कर रही है। गुलाम नबी आजाद ने कुछ विपक्षी नेताओं से चर्चा की है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इसमें हर्जाने के प्रावधान समेत और बदलावों की मांग कर सकती है।

राज्यसभा में सरकार क्यों मजबूर?
– फिलहाल, राज्यसभा में एनडीए और कांग्रेस दोनों के ही पास 57-57 सीटें हैं। सरकार के सामने दिक्कत ये है कि बीजू जनता दल और एआईएडीएमके जैसी पार्टियां इस सदन में मोदी सरकार की मदद करती रही हैं, लेकिन ट्रिपल तलाक बिल का विरोध कर रही हैं।

– ऐसे में, अगर यह बिल स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाता है तो इसका मतलब यह हुआ कि सरकार इसे विंटर सेशन में पारित नहीं करवा पाएगी। यह सेशन इस हफ्ते के आखिर में खत्म हो जाएगा। यह बिल कानून बने, इसके लिए दोनों सदनों से इसका पास होना जरूरी है।