कोटा की चंबल नदी में भी विकसित किया जाए जलमार्ग

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केंद्रीय सड़क निधि अधिनियम पर चर्चा में बिरला ने चंबल को नोटिफिकेशन में शामिल करने की पैरवी की

कोटा। सांसद ओम बिरला ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय सड़क निधि अधिनियम, 2017 पर चर्चा करते हुए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने का सुझाव देते हुए चंबल नदी को भी नोटिफिकेशन में शामिल करते हुए यहां सी-प्लेन चलाने का आग्रह किया है।

सांसद ने बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि केंद्रीय सड़क निधि अधिनियम वर्ष 2000 में पारित किया गया था, तब देश में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार थी।

आजादी के इतने साल के बाद भी देश के कई गांवों में सड़कें नहीं थी। केंद्र सरकार नया अधिनियम ला रही है, इस बिल से एक नए युग की शुरुआत होगी। सांसद ने कहा कि हमने बिल में धारा 9ए के माध्यम से एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय जलमार्ग में एवं धारा 9बी के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग को राष्ट्रीय जल मार्ग बनाने का काम किया है।

2016 में राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम में 11 जलमार्ग बनाए गए, जबकि आजादी से वर्ष 2015 तक 5 जलमार्ग थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों लोकसभा में पानी में हवाई जहाज चलाने की बात कि थी और उसे पूरा करते हुए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पानी में हवाई जहाज से उतरे। बिरला ने कहा कि हमने 2 हजार करोड़ रुपए में जलमार्ग को विकसित करने के लिए तय किए हैं।

जल मार्ग विकसित करने के लाभ
सांसद ने कहा कि जलमार्ग विकसित होने से आर्थिक परिवर्तन आएगा, वहीं भूमि की कम आवश्यकता होगी। न्यूनतम ईंधन पर अधिक दूरी तय होगी। नदी जल संपदाओं के पास बसे गांवों में रोजगार के साधन बढ़ेंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी एवं रोड मेंटीनेंस पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपयों की बचत होने के साथ ही आवागमन बेहतर सुगम होगा। आने वाले समय में गंगा नदी पर 50 हजार करोड़ की लागत से वाराणसी हल्दिया साइट मल्टीमॉडल के रूप में विकसित होगा, जहां रोड, रेल जलमार्ग सहित तीनों कनेक्टिविटी होगी।

सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि कोटा में चंबल नदी बारहमासी बहती है। चंबल को इस नोटिफिकेशन में शामिल करें, ताकि वहां जहाज उतारा जा सके।