’गुरु-शिष्य’ संवाद कार्यक्रम से कॉलेजों में सकारात्मक माहौल बनेगा

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जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में उन्नयन और समस्या निराकरण के लिए शुरू किया गया ’गुरू-शिष्य’ संवाद प्रदेश की उच्च शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि इस नवाचार से न केवल छात्रों की समस्या का तुरंत समाधान होगा बल्कि कॉलेजों में भी सकारात्मक माहौल बनेगा। माहेश्वरी सोमवार को पीजी कॉलेज में ’गुरू-शिष्य’ संवाद कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टीम भावना के साथ काम करते हुए कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें उत्साही माहौल उपलब्ध कराना है।

उच्च शिक्षा मंत्री और कॉलेज आयुक्त ने जयपुर जिले के 11 राजकीय महाविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों से पूरे दिन संवाद किया। छात्राें की समस्याएं सुनीं और विभागीय अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। हर संवाद को तीन सत्रों में बांटा गया है।

पहले सत्र में व्याख्याताओं और कॉलेज प्रशासन की अनुपस्थिति में छात्रों से चर्चा कर उनकी परेशानियां और समस्याएं सुनी जाती है। दूसरे सत्र में कॉलेज प्रशासन और व्याख्याताओं से बात करते हैं। तीसरे चरण में छात्र और व्याख्याताओं दोनों को एक साथ बिठाकर समस्याओं का हल निकालने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा कि यह प्रयोग पहली बार जयपुर से शुरू किया है और प्रदेश के हर जिले में ऎसा प्रयास किया जाएगा। कॉलेज में सुबह 10 बजे से शाम तक चले इस संवाद कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालयों के लगभग 11 प्राचार्य, 150 से ज्यादा व्याख्याता तथा इतने ही विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इसमें अधिकांश छात्रों ने अपने कॉलेजों में विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने, स्नातक विषय पर नए विषय शुरू करने और कॉलेजों में बी.पी.एड. पाठ्यक्रम खोलने की मांग की। कुछ छात्रों ने स्नातक स्तर पर सीटें बढ़ाने, विभिन्न विषयों में प्रयोगशालाएं खोलने व प्रयोगशालाओं में नए उपकरण खरीदने व संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

इसके अलावा छात्रों ने अपने अपने महाविद्यालयों में कुछ विषयों में शिक्षकाें की कमी, कॉलेज की भूमि का अतिक्रमण से बचाव के लिए चारदीवारी बनवाने, कॉलेजों में खेल के मैदान तैयार करवाने और पीटीआई की नियुक्ति की भी मांग की।

दूसरे और तीसरे सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री ने कॉलेज प्राचार्यों और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश भर में 100 एनएसएस इकाइयां शुरू करने, कॉलेजों के निर्माण कायोर्ं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, छात्रों के लिए स्पोट्र्स एक्टिविटी शुरू करने, कॉलेजों में प्रिंसिपल स्तर पर भी संवाद कार्यक्रम शुरू करने के भी निर्देश दिए।