जेईई मेन्स : ऑनलाइन ऑप्शन चुना तो ऑफलाइन मॉड में नहीं जा पाएंगे

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ऑफलाइन मॉड का चयन करने वाले ऑनलाइन में कर सकेंगे कनवर्ट

कोटा। जेईई मेन्स की ऑनलाइन फॉर्म फिलिंग प्रक्रिया के दौरान अगर छात्र ने पहली बार ऑनलाइन मॉड चुना है तो जनवरी में होने वाले संशोधन में वह अपना एग्जाम मॉड ऑफलाइन नहीं कर पाएंगे।

हालांकि पेपर पेन मॉड का चयन करने वाले स्टूडेंट्स बाद में ऑनलाइन मॉड ले सकते हैं। जेईई मेन्स के लिए अब तक करीब 80000 स्टूडेंट्स फॉर्म भर चुके हैं। ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल और ऑनलाइन परीक्षा 15 16 अप्रैल को होगी। एक्सपर्ट का कहना है कि स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन के समय हिंदी माध्यम का चयन करें।

ऐसा करने पर उन्हें पेपर हिंदी अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्राप्त होगा। गुजराती माध्यम का चयन करने पर पेपर गुजराती और अंग्रेजी भाषा में मिलेगा। अगर स्टूडेंट सिर्फ अंग्रेजी भाषा का चयन करता है तो उसको अंग्रेजी में ही पेपर दिया जाएगा। हिंदी माध्यम का चयन करने से उसके पास हिंदी अंग्रेजी दोनों में सवाल समझने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उधर, जेईई एडवांस के ऑनलाइन होने के कारण इस साल जेईई मेन्स का ऑनलाइन एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में बढ़ोतरी होगी। पिछले साल करीब 85,000 छात्रों ने ऑनलाइन मॉड में परीक्षा दी थी।

इस साल यह संख्या एक लाख से अधिक रहेगी। परीक्षा में करीब 12 लाख स्टूडेंट्स बैठेंगे। जेईई मेन्स की कट ऑफ के आधार पर दो लाख 24 हजार स्टूडेंट्स एडवांस के लिए क्वालीफाई करेंगे।

3 राज्यों के स्टूडेंट्स के आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं
जेईईमेन्स की ऑनलाइन फॉर्म फिलिंग प्रक्रिया के दौरान 3 राज्यों के छात्रों को आधार कार्ड की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इसमें असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय शामिल हैं।

इन राज्यों के स्टूडेंट्स जेईई मेन्स की परीक्षा उनके राज्यों में ही देनी होगी, बशर्ते उन्होंने 12वीं की परीक्षा संबंधित राज्यों से ही दी हो। बैंक खाता, पासपोर्ट संख्या और राशन कार्ड संख्या से वेरीफिकेशन होगा।