एक फरवरी को पेश होगा वित्त वर्ष 2018-19 का आम बजट

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नई दिल्ली । वित्त मंत्रालय में एक फरवरी 2018 को वित्त वर्ष 2018-19 का आम बजट संसद में पेश करने की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।वित्त मंत्री अरुण जेटली पांच दिसंबर को खेती के हाल पर चर्चा के साथ अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बजट-पूर्व चर्चाओं की शुरुआत करेंगे।

वित्त मंत्री कृषि, सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ आम बजट को लेकर उनकी अपेक्षाओं और सुझावों पर विचार करेंगे। मोदी सरकार का यह अंतिम पूर्ण बजट होगा इसलिए राजनीतिक दृष्टि से भी इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बजट पूर्व चर्चाओं की शुरुआत पांच दिसंबर को होगी। उस दिन जेटली कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ अगले साल के आम बजट को लेकर उनके सुझावों और अपेक्षाओं पर चर्चा करेंगे। मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।

खेती को लाभप्रद बनाने के उपायों पर भी इस बैठक में चर्चा होने के आसार हैं। उसी दिन शाम को वित्त मंत्री श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। हाल में श्रम संगठनों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था। छह दिसंबर को वित्त मंत्री सामाजिक क्षेत्र और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे।

हाल के वर्षो में सरकार पर सामाजिक क्षेत्र जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में अपेक्षित वृद्धि न करने का आरोप लगा है। ऐसे में यह बैठक महत्वपूर्ण होगी। वित्त मंत्री 15 दिसंबर को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों से विचार विमर्श करेंगे जिसमें सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों क्षेत्रों के जानकार शामिल होंगे।

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारतीय आइटी कंपनियों के लिए कई तरह की चिंताएं पैदा हुईं। इसके अलावा घरेलू बाजार में भी आईटी उद्योग को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उसी दिन जेटली बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

सरकार ने हाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पूंजीकरण के लिए कार्यक्रम का एलान किया है। फिलहाल बैंकों को फंसे कर्ज की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सबसे आखिर में वित्त मंत्री 16 दिसंबर को अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक करेंगे और आर्थिक स्थिति तथा आम बजट को लेकर उनके सुझावों पर चर्चा करेंगे।

माना जा रहा है कि अर्थशास्त्रियों के साथ चर्चा के दौरान लंबित आर्थिक सुधारों को लागू करने और अर्थव्यवस्था को गति देने के उपायों पर चर्चा होगी।

एक दिसंबर से वित्त मंत्रालय में प्रवेश पर नियंत्रण
इस बीच एक दिसंबर से वित्त मंत्रालय में प्रवेश पर नियंत्रण लागू हो जाएंगे। एक दिसंबर से नार्थ ब्लॉक में मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित हो जाएगा। एक फरवरी 2018 को आम बजट संसद में पेश होने के बाद ही वित्त मंत्रालय में प्रवेश से प्रतिबंध हटेगा।