कारोबार से बाहर हुईं देश की 5.35 लाख पंजीकृत कंपनियां

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नई दिल्ली । देश में पंजीकृत कुल 17 लाख कंपनियों में से एक तिहाई से ज्यादा कारोबार से बाहर हो चुकी हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर, 2017 के अंत में सक्रिय या कारोबार कर रहीं रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या 5.35 लाख  रह गई थी।

यह आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब सरकार ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रखी है। इनका इस्तेमाल मुखौटा कंपनियों के रूप में हवाला जैसी गतिविधियों में करने का संदेह है। अक्टूबर में आई कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 अक्टूबर को कुल पंजीकृत कंपनियों की संख्या 17,04,319 थी।

इनमें से 11,30,784 कंपनियां सक्रिय थीं। रजिस्टर्ड कंपनियों में से 5.35 लाख कंपनियां बंद हो गई हैं। 1,123 को निष्क्रिय का दर्जा दिया गया है। 5,957 लिक्विडेशन की प्रक्रिया में हैं। जबकि 31,666 का पंजीकरण रद किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक बंद हुई 5,34,674 कंपनियों में से 10,443 कंपनियों को बेच दिया गया। जबकि 4,92,735 कंपनियों को निष्क्रिय होने के कारण बंद कर दिया गया। 19,984 कंपनियों का अन्य में विलय कर दिया गया। इसी तरह 6,719 कंपनियों को लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) में बदल दिया गया।

सक्रिय कंपनियों में से सबसे अधिक 3.34 लाख कंपनियां सेवा क्षेत्र में हैं। वहीं मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में सक्रिय कंपनियों की संख्या 2.30 लाख, व्यापार में 1.50 लाख और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 1.03 लाख है।

मंत्रालय ने बताया कि इस साल अक्टूबर में 7,556 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। पिछले साल अक्टूबर में 6,542 कंपनियों का पंजीकरण हुआ था। अक्टूबर, 2015 से अक्टूबर, 2017 के बीच नई पंजीकृत कंपनियों का आंकड़ा अप्रैल, 2016 में 3,994 का निचला स्तर छूने के बाद से मासिक आधार पर बढ़ने लगा है।