कोटा में प्लास्टिक इंडस्ट्रीज का हब बनाना संभव – बिरला

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प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन के प्रिव्यू कार्यक्रम को सम्बोधित करते सांसद ओम बिरला।
  • प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी गांधी नगर में 7 से 12 फरवरी-18 तक
  • कोटा में जुटे देश के प्रमुख प्लास्टिक उद्यमी

कोटा। कोटा बूंदी के लोकसभा सदस्य सांसद ओम बिरला ने कहा है कि कोटा में प्लास्टिक इंडस्ट्रीज का हब बनाया जा सकता है। यहाँ प्लास्टिक इंडस्ट्रीज की अपर सम्भवना है। इसके लिए केंद्र से बात करेंगे।

बिरला गुरुवार रात्रि को राजीव नगर के एक होटल में प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन के प्रिव्यू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले हमें लगता था कि पर्यावरण की अतिचिंता करने वाले विकास में बाधक है,लेकिन अब जिस तरीके से पर्यावरणीय संकट आया है उससे स्पष्ट है कि पर्यावरण चिंतक विकास में बाधक नहीं अपितु सहायक है। उनका सोच देश के हित में रहा है।

बिरला ने कहा कि दुनिया में आज पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता है। जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बहुत बढ़ा है।प्लास्टिक सौ प्रतिशत रिसाईकिल किया जाता है।बिरला ने कहा कि हाड़ौती के उद्यमी शेखावाटी के समान देश में व्यापार करने नहीं निकले,  क्योंकि यहां पानी का वरदान होने के कारण रोटी की समस्या नहीं रही। कृषि का भरपूर विकास हुआ। प्लास्टिक इंडस्ट्रीज विकास का बड़ा हिस्सा है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी 7 से 12 फरवरी को गांधी नगर में
फाउंडेशन के नेशनल प्रमोशन कमेटी के चेयरमेन सीवी जैन ने बताया कि अगले वर्ष 2018 में 7 से 12 फरवरी तक गांधीनगर में विश्व की तीसरी बड़ी एवं एशिया की नम्बर वन प्रदर्शनी एक लाख 25 हजार स्क्वायर मीटर क्षैत्र में लगेगी जिसमें प्लास्टिक के उत्पादों को विश्व स्तर का मंच प्रदान किया जाएगा।

प्रदर्शनी में 2000 उद्यमी होंगे जिनमें से 600 देश के बाहर के होंगे। 2 लाख से अधिक दर्शक इसे देखेंगे और प्लास्टिक पुर्नचक्रण से बने उत्पादों को देखेंगे। जैन ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन प्लास्टिक से शुरू होता है और उसी से खत्म होता है।प्लास्टिक पर्यावरण का मित्र है यही बताना प्रदर्शनी का उद्देश्य है।

आज के दौर में प्लास्टिक के उपयोग से कारें कम वजन की बन रहीं है जिससे इंर्धन कम खर्च हो रहा है। हवाई जहाज भी कम ईंधन काम में लेने लगा है। प्लास्टिक फर्नीचर के कारण लकड़ी का इस्तेमाल घटा है और जंगलों को बचाने में मदद मिलती है।

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में काम कर रहे फाउंडेशन की एनवायरमेंट कमेटी के चेयरमेन अतुल कानूगो ने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट को दुबारा उपयोग में लेकर रिसाईकिल के लिए उद्यमी आग आ रहे हैं लेकिन प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की शर्तें बाधक है। प्रदूषण नियंत्राण मण्डल को उद्यमियों के मन से भय को दूर करना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षैत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक रिसाईक्लिर्स अपना आवेदन विभाग में ऑनलाईन करें उसकी सुविधा उपलब्ध हैं। विभाग किसी उद्यमी को परेशान करने की नीसत नहीं रखता। नियमों का उल्लंघन न हो इसका जरूर घ्यान रखा ध्यान रखा जाता है।

जयुपर से राजस्थान प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय धानुका ने स्वागत भाषण में बताया कि प्लास्टिक उद्योगों के विकास की काफी संभावना है।ऐसासिएशन से राजस्थान के सभी उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है। कोटा में महेश यादव को जिम्मेदारी दी गई है।

नेशनल प्रमोशन कमेटी के को चेयरमेन श्रवण कुमार शर्मा एवं कोषाध्यक्ष संजय शर्मा ने भी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर विचार व्यक्त किए। कोटा लघु उद्योग काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती ने प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के नियमों को बड़ी बाधा बताते हुए इनके निदान की बात कही।

कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा,प्रो. कपिलदेव शर्मा,कोटा एनवारमेंटल सेनीटेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. सुसेन राज, सचिव एवं पर्यावरणविद् बृजेश विजयवर्गीय,अशीष अग्रवाल , उद्यमी राजेंद्र अग्रवाल, आर्किटेक्ट ज्ञानचंद जैन, साइंस क्लासेज की स्नेह पारीख,आदि प्रमुख लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। एसोसिएशन के महासचिव गिरधर गोपाल गुप्ता ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।