जीएसटी और बेस इफेक्ट से घटा अक्टूबर में एक्सपोर्ट

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नई दिल्ली। लगातार 6 महीने ग्रोथ तक दर्ज करने के बाद अक्टूबर में एक्सपोर्ट घट गया। गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की मुश्किलों के चलते निर्यात में कमी आई जबकि इस दौरान आयात में बढ़ोतरी हुई। इससे ट्रेड डेफिसिट तीन साल में सबसे अधिक हो गया।

अक्टूबर में एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 1.1 पर्सेंट घटा, जबकि आयात 7.6 पर्सेंट बढ़ गया। हालांकि इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच के आंकड़े के हिसाब से एक्सपोर्ट 9.62 पर्सेंट बढ़कर 170.2 अरब डॉलर हो गया है, जबकि इंपोर्ट 22.2 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 256.4 अरब डॉलर हो गया है।

इंपोर्ट के मुकाबले एक्सपोर्ट कम होने से अक्टूबर में ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 14 अरब डॉलर हो गया जो नवंबर 2014 के बाद सबसे अधिक है। पिछले साल अक्टूबर में ट्रेड डेफिसिट 11.1 अरब डॉलर रहा था जो उसी साल सितंबर में 9 अरब डॉलर था।

भारत ने पिछले महीने 23.1 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि पिछले साल इसी महीने 23.4 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया था। पिछले महीने 37.1 अरब डॉलर का आयात हुआ, जो साल भर पहले 34.5 अरब डॉलर था।

ट्रेड डेफिसिट के बारे में इकरा की प्रिंसिपल इकनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा, ‘मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट अक्टूबर महीने में बढ़ा है, लेकिन यह चिंता वाली बात नहीं है। इस साल सितंबर-अक्टूबर में जितना व्यापार घाटा हुआ है, वह जुलाई-अगस्त के ट्रेंड के अनुरूप है।

एक्सपोर्ट में कमी की वजह बेस इफेक्ट भी है।’ सितंबर में निर्यात 25.67 पर्सेंट बढ़कर 28.61 अरब डॉलर तक पहुंच गया था जो पिछले 6 महीने में सबसे तेज ग्रोथ थी।

अक्टूबर में इंजिनियरिंग प्रॉडक्ट्स का एक्सपोर्ट 11.8 पर्सेंट बढ़कर 5.9 अरब डॉलर हो गया, जबकि केमिकल्स और पेट्रोलियम एक्सपोर्ट के निर्यात में क्रमश: 22.3 पर्सेंट और 14.7 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। हालांकि जेम्स ऐंड जूलरी एक्सपोर्ट 24.5 पर्सेंट कम हुआ, जबकि फार्मा निर्यात में 8.75 पर्सेंट की गिरावट आई।

गोल्ड इंपोर्ट भी 16 पर्सेंट घटकर 2.95 अरब डॉलर रह गया। एक्सपोर्टर्स बॉडी फियो ने कहा कि अक्टूबर में निर्यात, खासतौर पर एमएसएमई शिपमेंट में गिरावट आने की आशंका पहले से थी।