400 करोड़ से वर्ल्ड क्लास बनेगा कोटा स्टेशन, जानिए क्या होंगी सुविधाएं

0
538

कोटा स्टेशन पर मॉल रेस्त्रां जैसी सुविधाएं विकसित होंगी, लिफ्ट, एस्केलेटर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगेगा

कोटा। कोटा सहित देश के 10 रेलवे स्टेशनों को अब वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा। इस काम पर 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कोटा स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने पर लगभग 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन सभी स्टेशनों को विकसित करने की समय सीमा 2020 रखी गई है। कोटा में अगले महीने या जनवरी में काम शुरू होगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत स्टेशनों का री डवलपमेंट किया जाएगा और स्टेशनों के आसपास की जमीन का उपयोग भी किया जाएगा। जमीन का विकास सरकारी कंपनी एनबीसीसी इंडिया करेगी। एनबीसीसी ने पिछले दिनों बैठक में ये तय किया है कि स्टेशनों पर काम दिसंबर में या अगले साल जनवरी में शुरू किया जाएगा।

पहले चरण में एनबीसीसी प्लेटफार्म को बेहतर करेगी, लाउंज बनाएगी, टिकट काउंटर की दशा सुधारेगी, आने जाने के लिए अलग-अलग टर्मिनल बनाएगी। इसके बदले में कंपनी को 45 साल के लिए इन स्टेशनों के आसपास की जमीन के कॉमर्शियल उपयोग का अधिकार होगा।

वह इस जमीन को होटल, मॉल या मल्टीप्लैक्स बनाने के लिए कॉर्पोरेट्स को लीज पर दे सकती है। इन स्टेशनों के री डवलपमेंट रेल भूमि विकास ऑथोरिटी और एनबीसीसी के बीच सहमति पत्र पर साइन हो चुके हैं। रेलवे बोर्ड के अनुसार एनबीसीसी का जो री डवलपमेंट का मॉडल हैं से सभी दूसरे स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।

वर्ल्ड क्लास स्टेशनों की सूची में कोटा का नाम है। इस बारे में रेलवे बोर्ड से विस्तृत जानकारी ली जा रही है।

विजयप्रकाश, सीनियर डीसीएम

2010 में हुई थी प्रोजेक्ट की घोषणा
केन्द्र सरकार ने वर्ष 2010 के रेल बजट में कोटा स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की घोषणा की थी। हबीबगंज स्टेशन को प्रथम चरण में शामिल किया गया था। वहां काम शुरू हो चुका है, लेकिन कोटा में कोई काम नहीं हुआ था। अब 10 स्टेशनों को 2020 तक वर्ल्ड क्लास बनाने का फैसला किया गया है।

इसमें एनबीसीसी ही सारा कामकाज देखेगी। एनबीसीसी ने कामकाज भी शुरू कर दिया है। महानगरों से जुड़े रेलवे स्टेशनों पर सबसे पहले काम किया जाएगा। इन सभी स्टेशनों को विकसित करने का काम जनवरी तक शुरू हो जाएगा।

ये होंगी सुविधाएँ

  • प्लेटफार्म नंबर दो पर शॉपिंग माॅल
  • एयरपोर्ट जैसे लाउंज होंगे
  • बुजुर्गों के लिए लिफ्ट
  • एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए एसकेलेटर की सुविधा
  • रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए आने-जाने के अलग-अलग रास्ते
  • वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड होंगे
  • ट्रेन का इंतजार करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, रेस्त्रां डिजिटल साइन बोर्ड, सेल्फ टिकट काउंटर
  • वाई-फाई की सुविधा
  • कोच तक सामान ले जाने के लिए बेहतर ट्रॉली मिलेगी

क्यों है जरूरी : दिल्ली-मुंबई रूट पर कोटा महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शामिल है। इस रूट से राजधानी एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेन गुजरती हैं। टेल्गो ट्रेन की भी ट्रॉयल इस रूट पर हो चुकी है। देश में कोटा शैक्षणिक नगर के नाम से पहचाना जाता है। देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग डेढ़ लाख स्टूडेंट्स कोटा कोचिंग लेने आते हैं। 

ये स्टेशन होंगे वर्ल्ड क्लास : दिल्लीका सराय रोहिल्ला, यूपी का लखनऊ, गोमती नगर, आंध्रप्रदेश का तिरुपति नेल्लोर, केरल का अर्नाकुलम, पुडुचेरी, महाराष्ट्र के मडगांव ठाणे स्टेशनों को विकसित करेंगे।