1000 रुपए देते तो उड़द तो क्या मिट्टी भी खरीद लेते हैं पर्यवेक्षक

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समर्थन मूल्य की खरीद में गड़बड़ी, किसान कम दामों पर खुली नीलामी में बेचने को मजबूर

कोटा। राजफेड के अधिकारी पहले तो उड़द के नमूनों को फेल कर देते हैं। बाद में 1000 रुपए जेब में डालते ही धूल भरी उड़द को भी पास कर खरीद लेतेे है। उपज का कम दाम मिलने से आहत किसानों ने बुधवार को खुलकर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। 

किसानों की बात सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि वह खुद किसान के बेटे हैं, पीड़ा जानते हैं। अगर कोई कर्मचारी खरीद में गड़बड़ी करने वाले एक भी कार्मिक को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान को उपज का पूरा दाम मिलना चाहिए। अगर इसमें अधिकारी या व्यापारी दोनों में से कोई भी लापरवाही करेगा तो सीधा जेल जाएगा। 

भामाशाह मंडी में शेखावत बुधवार को हाड़ौती के प्रगतिशील किसानों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान किसानों ने उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग रखी। केन्द्रीय मंत्री ने किसानों के एक-एक सवाल पर जवाब दिया। किसान अपनी बात कहते हुए बिफर गए । इस कारण सांसद ओम बिरला को बीच-बीच में दखल देना पड़ा ।

किसानों ने यह बताई समस्याएं
अर्जुनपुरा के किसान अमरलाल गहलोत ने कहा कि सरकार किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने की बात कहती है। यह मंडियां कोई राशन की दुकान नहीं, जो किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाएंगे। हमें उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।

धुलेट के सरपंच नरोत्तम शर्मा ने कहा उड़द खरीद में ऐसी धांधलियां चल रही है। जिसका कोई जवाब नहीं। राजफेड के अधिकारी पहले तो उड़द के नमूनों को फेल कर देते हैं। बाद में 1000 रुपए जेब डालते ही धूल भरी उड़द को भी पास कर खरीद लेतेे है। जिनकी शिकायत करें तो खरीद में आना कानी करते हैं। 

हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने कहा कि आपके पास केंद्रीय कृ़षक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अभी तक भी बैनर पर राज्य मंत्री लिखा हुआ है। पहले अपना पद तो सही करवा लो। जहां तक पद नाम सहीं होगा किसानों का कल्याण नहीं हो सकता।

भामाशाह भवन में ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी कृषक संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।

खरीद केंद्रों पर कागजी कार्रवाई से बचने के लिए किसानों को मजबूरी में एमएसपी से सस्ते दामों में मंडियों में उड़द बेचनी पड़ी।

इससे कोटा संभाग के किसानों को 140 करोड़ का नुकसान हुआ। इसकी केंद्र सरकार को भरपाई करनी चाहिए।

खेड़ली तंवरान के किसान अभयसिंह ने कहा कि उड़द, मूंग खरीद में किसानों के सामने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की बंदिश लगा दी।

ऐसे में किसान सारे कागजात लेकर ई -मित्रों पर चक्कर काटता रहा। एक माह बाद उसे उड़द बेचने का टोकन मिला। किसान को रुपए की जरूरत तो तत्काल है। 

भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री जगदीश शर्मा ने कहा कि दसवीं पास लड़के उड़द के नमूने पास करने में लगा रखे हैं। जिन्हें यह भी पता नहीं कि किस क्वालिटी का उड़द खरीदना चाहिए। किसान प्रतिनिधि पन्नालाल मीणा ने कहा कि भामाशाह मंडी में गत वर्ष धर्मकांटे लगे थे। इसके बाद भी अभी तक मंडी में बाट-तराजू से उपज की तुलाई हो रही है।

संवाद कार्यक्रम को सांसद ओम बिरला, विधायक हीरालाल नागर, संदीप शर्मा और ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने संबोधित किया है। कार्यक्रम में कृषि अधिकारी पीके गुप्ता, रामावतार शर्मा बलवंत सिंह उपस्थित थे।