देश की रैंकिंग सुधरने के बाद अब सरकार का ध्यान राज्यों पर

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नई दिल्ली । विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग सुधरने के बाद अब सरकार राज्यों की रैंकिंग तय करने में जुट गई है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का औद्योगिक संवर्धन विभाग इस की तैयारी कर रहा है। संकेत हैं कि अगले साल जनवरी में इस संबंध में राज्यों की रैंकिंग रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी।

सरकार ने पिछले वर्ष भी इस तरह की एक रिपोर्ट जारी की थी और उसमें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश शीर्ष पर रहे थे। यह सूची जारी करने के पीछे सरकार का तर्क राज्यों में निवेश और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा करने का है।

सरकार चाहती है कि राज्य अपने यहां कारोबार शुरू करने से लेकर उनके संचालन के संबंध में नियमों को आसान बनाए। इससे राज्यों में औद्योगीकरण की रफ्तार बढ़ेगी जिसका लाभ अंतत: देश की रैंकिंग तय होने में मिलेगा।

राज्यों की रैंकिंग तय करने के लिए सभी राज्य सरकारों से उनके यहां हुए आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों का ब्यौरा मांगा गया है। सभी राज्यों को मंगलवार तक सुधारों की सूची और उनसे जुड़े तथ्य और प्रमाण अपलोड करने है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार की योजना जनवरी या अधिक से अधिक फरवरी में राज्यों की रैंकिंग जारी करने की है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों ने इस दिशा में बहुत से उठाए हैं।

मसलन परियोजनाओं की मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम आदि। इससे इन राज्यों में कारोबार करना पहले की तुलना में और आसान हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत की रैंकिंग में 30 पायदान का सुधार हुआ है।

विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत इस सूची में 100वें स्थान पर पहुंच गया है। डीआइपीपी 200 नए सुधारों से विश्व बैंक को परिचित कराने में जुटा है जिससे उसकी अगली रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग को शीर्ष पचास देशों में हो सके।