रैंकिंग में सुधार पर वर्ल्ड बैंक में रह चुके लोग भी उठा रहे सवाल-मोदी

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नई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में भारत की रैकिंग में सुधार पर पीएम नरेंद्र मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्ल्ड बैंक में काम कर चुके लोग भी भारत की रैंकिंग में हुए सुधार पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनस की प्रक्रिया 2004 में शुरू हुई थी। दरअसल यह बड़ा महत्वपूर्ण साल था। इसके बाद 2014 तक किसकी सरकार रही, यह सबको पता है। मैं ऐसा पीएम हूं जिसने वर्ल्ड बैंक की इमारत भी नहीं देखी है। जबकि पहले वर्ल्ड बैंक को चलाने वाले लोग यहां बैठा करते थे।

वर्ल्ड बैंक कि रैकिंग पर सवाल उठाने के बजाय मिल जुलकर न्यू इंडिया बनाने के लिए साथ मिलकर आग बढ़ें।’ मोदी ने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण ही देश में कारोबार के माहौल को बेहतर किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम तेजी से सुधार कर रहे हैं।

हमारी आलोचना करने वाले भी हमारे तेजी से हो रहे सुधार को पचा नहीं पा रहे हैं। जीएसटी की दिक्कतों को दूर किया है। जीएसटी के कारण ही ईज ऑफ डूइंग बिजनस की स्थिति सुधरी। ईज ऑफ डूइंग बिजनस को लेकर भारत की रैकिंग में सुधार के बाद भी सोने का मन नहीं करता है। हम भारत को नॉलेज बेस्ड इकॉनमी बनाना चाहते हैं।’ 

आपको बता दें कि वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत की व्यापार सुगमता रैंकिंग 30 पायदान सुधरकर 100वें स्थान पर पहुंच गई है। कारोबार सुगमता के 10 संकेतकों में से आठ को अमल में लाने से भारत की रैंकिंग सुधरी है।