राजस्थानी फिल्मों को अनुदान देने का प्रस्ताव, परन्तु गुणवत्ता पर जोर

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जयपुर । पर्यटन राज्य मंत्री कृष्णेन्द्र कौर दीपा ने कहा कि राजस्थानी फिल्मों से राजस्थान की संस्कृति तथा हैरिटेज को बढ़ावा मिलता हैं तथा राज्य सरकार भी इन फिल्मों के उत्थान, प्रचार प्रसार तथा लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास कर रहीं है। 

पर्यटन राज्य मंत्री  कृष्णेन्द्र  कौर दीपा आज शासन सचिवालय में राज्य सरकार द्वारा राजस्थानी फिल्मों को अनुदान देने के संबधं में हुई बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्हाेंने बैठक में आए राजस्थान फिल्मों के निर्माता-निर्देशकों को फिल्मों की क्वालिटी सुधारने के लिए कहा जिससे अधिक से अधिक दर्शक वर्ग राजस्थानी सिनेमा के प्रति आकर्षित हो सकें।

बैठक में राजस्थानी फिल्मों को अनुदान देने वाली समिति के समक्ष राजस्थानी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक तथा राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधियों ने अपनी फिल्मों तथा फिल्म फेस्टिवल को अनुदान देने का प्रस्ताव रखा। 

बैठक में राजस्थानी फिल्में कंगना, पगड़ी, पक्की हीरोगीरी, तावड़ो, आपाणे तो बेटी बचानी है, गुटरू गुटर गूं सहित विभिन्न राजस्थानी फिल्मों के निर्माता निर्देशक तथा रिफ फिल्म क्लब, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, रिजनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे। इन सभी ने कमेटी के समक्ष अपनी फिल्मों तथा फिल्म फेस्टिवल को अनुदान देने का प्रस्ताव रखा।

बैठक में समिति के सदस्यों में अतिरिक्त मुख्य सचिव, कला एवं संस्कृति, एन.सी. गोयल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक अनुप्रेरणा कुन्तल, अतिरिक्त निदेशक, पर्यटन रश्मि शर्मा, संयुक्त सचिव, कला एवं संस्कृति रंजीता गौतम सहित विभिन्न अधिकारी शामिल थे तथा प्रीव्यू कमिटी के सदस्यों में विपिन तिवारी तथा अन्य सदस्य मौजूद थे।