18 राज्यों से ज्यादा महंगा है राजस्थान में पेट्रोल, डीजल

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अगर राजस्थान सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट 5% भी कम करे तो कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर तक की कमी हो सकती है। जयपुर में पेट्रोल 70.98 रुपए डीजल 60.88 रुपए लीटर बिक रहा है।

जयपुर/कोटा । राजस्थान में पेट्रोल पर 30% डीजल पर 22 प्रतिशत वैट लागू है। इसके अलावा यहां पेट्रोल पर डेढ़ रुपए डीजल पर एक रुपए 75 पैसे रोड सेस भी लागू है। ऐसे में पेट्रोल पर कुल टैक्स 32.95% डीजल पर 25.75% होता है। यह 18 राज्यों से ज्यादा है।

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह पेट्रोल-डीजल पर दो-दो रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर पेट्रोल-डीजल से 5% तक वैट कम करने के लिए कहा था। कुछ राज्यों ने पहल भी की। गुजरात ने पेट्रोल-डीजल पर 4 प्रतिशत वैट कम किया।

महाराष्ट्र ने पेट्रोल पर दो और डीजल पर एक रुपए दाम घटाया। हिमाचल ने एक फीसदी वैट कम किया। अगर राजस्थान सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट 5% भी कम करे तो कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर तक की कमी हो सकती है। जयपुर में पेट्रोल 70.98 रुपए डीजल 60.88 रुपए लीटर बिक रहा है।

उधर, पड़ोसी राज्य हरियाणा गुजरात में राजस्थान के मुकाबले डीजल पर टैक्स कम है। प्रदेश में मौजूदा समय में सालाना 500 करोड़ लीटर डीजल 60 करोड़ लीटर पेट्रोल की खपत हो रही है। राज्यसरकार यदि 5% टैक्स कम करती है तो पेट्रोल डीजल की कीमतें करीब 3 रु. लीटर तक घट सकती हैं।

अगर सरकार सिर्फ सेस ही हटा ले तो पेट्रोल 69.48 रु. डीजल 59.13 रु. लीटर मिल सकता है। यानी 2 रु. लीटर तक की कमी संभव है। सेस भी कम करे तो 2 रुपए प्रति लीटर तक की राहत मिलना तय है। हालांकि वित्त विभाग के अफसरों का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल पर टैक्स में कटौती की गुंजाइश कम है। 

सालाना 9300 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा रही है सरकार
2014 में पेट्रोल और डीजल के पेटे सरकार को करीब 8 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिल रहा था जो अब बढ़कर लगभग 9300 करोड़ रुपए हो गया है।

वहीं कच्चे तेल की कीमतें जब 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा पहुंच गई थीं तब प्रदेश में इससे मिलने वाली रॉयल्टी 6 हजार करोड़ रुपए को पार कर गई थी। लेकिन अब कच्चे तेल से मिलने वाली रॉयल्टी लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए है। इसके अलावा सेस के पेटे सरकार सालाना करीब 1500 करोड़ रुपए कमा रही है। 

राज्यवार पेट्रोल- डीजल पर लगने वाले टैक्स
अरुणाचल  20% 12.50%
असम 32.66% 23.66%
बिहार 26% 19%
छत्तीसगढ़ 28.93% 27.14%
दिल्ली 27% 17.38%
गोवा 17% 19%
गुजरात 26.96% 24.96%
हिमाचल 26% 15%
जेएंडके 29.60 18.04%
झारखंड 31.50% 24.62%
कर्नाटक 30% 19%
एमपी 38.90 30.24%
महाराष्ट्र 43.94% 24.41%
पंजाब 36.11% 17.34%
यूपी 31.90% 20.19% 

पड़ोसी राज्यों में टैक्स कम होने से प्रदेश में राजस्व का नुकसान 
पड़ोसी राज्यों में दाम कम होने से सिरोही उदयपुर के उद्योगपति गुजरात, अलवर भिवाड़ी का बड़ा भाग हरियाणा तथा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के लोग पंजाब से पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं।

पेट्रोलियम संगठनों का दावा है कि प्रदेश में वैट 4% घटे और सेस 1 रु. हो जाए तो डीजल की बिक्री 30% तक बढ़ेगी सरकार को 1600 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

इन 18 राज्यों में कम है टैक्स
डीजल :अरुणाचलप्रदेश, असम, बिहार, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल, जेएंडके, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओड़िशा, सिक्किम, त्रिपुरा, यूपी, प. बंगाल में राजस्थान से कम टैक्स है।

पेट्रोल : अरुणाचलप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जेएंडके, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओड़िशा, सिक्किम, प. बंगाल में पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स राजस्थान से कम है।
(स्रोत:पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालाइसिस सेल)