बैंकों के खिलाफ आरबीआई को मिली 1.24 लाख शिकायतें

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आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि सबसे ज्यादा 28,901 शिकायतें एसबीआई के खिलाफ की गईं, जो देश का सबसे बड़ा बैंक है

अहमदाबाद। बैंकिंग सेक्टर इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहा है। बैंकिंग सेवाओं की खराब होती क्वालिटी बड़ी समस्याओं में से एक है। ऐसे में एक बात साफ है कि बैंक अपने ग्राहकों का पूरा ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बैंकों के खिलाफ आरबीआई को मिलने वाली शिकायतों में हुई वृद्धि है।

सरकारी ही नहीं प्राइवेट बैंकों के खिलाफ भी आरबीआई लोकपाल को ढेरों शिकायतें मिल रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जब संबंधित बैंक अथॉरिटी ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाती है, तभी आरबीआई तक शिकायतें पहुंचती हैं। आरबीआई ने देशभर में 18 लोकपाल नियुक्त किए हैं।

आरटीआई एक्ट के तहत, हमने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2017 के दौरान बैंकों के खिलाफ मिली कुल शिकायतों के बारे में आरबीआई से जानकारी मांगी। आरबीआई के जवाब से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए और खस्ताहाल बैंकिग सेवाओं की पोल खुल गई।

आरटीआई के अनुसार, 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2017 के बीच बैंकों के खिलाफ कुल 1,24,477 शिकायतें की गईं। इनमें से 77,162 शिकायतें सरकारी बैंकों के खिलाफ और 47,315 शिकायतें प्राइवेट बैंकों के खिलाफ प्राप्त हुईं।

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि सबसे ज्यादा 28,901 शिकायतें एसबीआई के खिलाफ की गईं, जो देश का सबसे बड़ा बैंक है। दूसरे स्थान पर एचडीएफसी बैंक है, जिसके खिलाफ 9785 और आईसीआईसीआई के खिलाफ 9737 शिकायतें प्राप्त हुईं।

आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जब बैंक अथॉरिटी प्राइमरी लेवल पर शिकायतों को दूर करने में नाकाम रहती है तभी ये लोकपाल तक पहुंचती हैं। इससे यह भी साफ हो जाता है कि आरबीआई को मिली शिकायतों से कहीं ज्यादा शिकायतें सीधे बैंक को मिल रही हैं।