दो दिवसीय कोटा डोरिया महोत्सव का समापन आज

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नयापुरा स्थित कलादीर्घा में प्रदर्शनी में कैथून से आए कोटा डोरिया बुनकरों ने पिटलूम पर कोटा डोरिया की बुनाई करके दर्शकों को असली और नकली कोटा डोरिया को पहचानने का तरीका सिखाया

कोटा। हाड़ौती उत्सव आयोजन समिति की ओर से दो दिवसीय कोटा डोरिया महोत्सव शुरुआत शनिवार को हुई। महोत्सव का समापन रविवार शाम को कोटा डोरिया फैशन शो के साथ होगा।

जिसमें पहले दिन नयापुरा स्थित कलादीर्घा में प्रदर्शनी में कैथून से आए कोटा डोरिया बुनकरों ने पिटलूम पर कोटा डोरिया की बुनाई करके दर्शकों को असली और नकली कोटा डोरिया को पहचानने का तरीका सिखाया।

बुनकर रजिया ने कहा, उनका पूरा परिवार इस काम में जुटा हुआ है और वह चाहती हैं कि लोग जानें कि असली कोटा डोरिया कितनी मेहनत और सफाई से तैयार की जाती है।

रजिया सिर्फ कोटा डोरिया की साड़ियां ही नहीं लैम्प, गुलदस्ते, बंदरवाल, टेबल के आइटम, फाइल कवर, जूतियां जैसी वस्तुएं भी बनाती हैं। जिनकी यहां प्रदर्शनी लगाई गई।

भारतीय परिधानों में खास जगह रखने वाले कोटा के क्लोथ ब्रांड कोटा डोरिया की बुनाई बेहद मुश्किल होती है। जो लोग इसकी बुनाई के बारे में नहीं जानते वही लोग नकली कोटा डोरिया महंगे दामों पर खरीद लाते हैं।

क्योंकि जिन्हें इसकी बुनाई की जानकारी होती है वह साड़ी हाथ में लेते ही उसकी बुनाई का पेटर्न देखकर आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि यह हाथ से बनी असली कोटा डोरिया है या मशीन से बनी दोयम दर्जे की नकली कोटा डोरिया। इसलिए कोटा डोरिया महोत्सव में इसकी बुनाई का तरीका भी दिखाया गया।