विप्रो के 11 हजार करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी

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नई दिल्ली । देश की तीसरी सबसे बड़ी आइटी कंपनी विप्रो ने कहा है कि उसके  ने 11,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बायबैक के लिए रिकॉर्ड तारीख 15 सितंबर तय की है। कंपनी ने पिछले महीने जानकारी दी थी कि वह 34.38 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी। इसकी कुल कीमत करीब 11,000 करोड़ रुपये होगी।

शेयर बायबैक से कंपनी की प्रति शेयर आय सुधरेगी और इस तरह वह शेयरधारकों को सरप्लस नकदी वापस कर सकेगी। मौजूदा सुस्ती की बाजार स्थितियों में शेयर के मूल्य को भी इस कदम से समर्थन मिल सकता है।

बीते 30 जून 2017 को कंपनी के पास कुल 5432 करोड़ रुपये नकदी व नकदी के समक्ष इंस्ट्रूमेंट और 31,772 करोड़ रुपये का निवेश था। इस तरह कंपनी का कुल सरप्लस 37,204 करोड़ रुपये था।

इंफोसिस के पूर्व चेयरमैन आर शेषशाई ने शेयरधारकों से झूठ बोला: नारायण मूर्ति
कंपनी के पूर्व बोर्ड की ओर से लगाए गए व्यक्तिगत हमलों को सिरे से खारिज करते हुए इंफोसिस के फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति ने मंगलवार को खुलासा किया कि एक व्हिसिल ब्लोअर ने पूर्व चेयरमैन आर शेषशाई पर गंभीर आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा कि व्हिसिल ब्लोअर का कहना था कि आर शेषशाई ने 24 जुलाई को कंपनी की 33वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में कंपनी के शेयरधारकों के सामने झूठ बोला था।

मूर्ति ने ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को कॉन्फ्रेंस कॉल में संबोधित करते हुए कहा, “सालाना आम बैठक में शेषशाई ने पूर्व सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राजीव बंसल) के लिए किए गए भुगतान के बारे में झूठ बोला जिसमें दावा किया गया कि यह उनकी (बंसल) लंबी सेवा के चलते किया गया था और कंपनी से उस रहस्य को छिपाया जिसके साथ समझौता किया जा रहा था।