जीडीपी के आंकड़ों पर रहेगी शेयर बाजार की नजर

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इन्फोसिस में नंदन नीलेकणि की वापसी से भी बाजार को सहारा मिल सकता है

नई दिल्ली । दलाल स्ट्रीट के लिए अगला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। निवेशकों की नजर 31 अगस्त को जारी होने जा रहे सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़ों पर रहेगी। इस दिन अगस्त के वायदा सौदों का भी निपटान होना है।

पिछले हफ्ते गणोश चतुर्थी के कारण चार दिन ही बाजार खुले थे। इस दौरान बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 71.38 अंक चढ़ा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में 19.65 अंक की बढ़ोतरी हुई थी।

इस हफ्ते के रुझान को लेकर कोटक सिक्योरिटीज से जुड़ी टीना विरमानी ने कहा, ‘बाजार की नजर जीडीपी के आंकड़ों पर रहेगी। निवेशक नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर इन्फोसिस प्रबंधन की ओर से मिलने वाले संकेतों पर भी निगाह बनाए रखेंगे।’

शुक्रवार को पीएमआइ मैन्यूफैक्चरिंग आंकड़े भी आने हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ‘किसी नए कारक के नहीं होने से बाजार एक सीमा में रहकर कारोबार करता दिख सकता है। निवेशकों का ध्यान बीती तिमाही में अच्छे नतीजे दिखाने वाली कंपनियों की ओर रहेगा।’

पिछले दो हफ्ते से बाजार में उथल-पुथल की वजह बनी इन्फोसिस में नंदन नीलेकणि की वापसी से भी बाजार को सहारा मिल सकता है। बीते हफ्ते देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (एमकैप) में 13,799.08 करोड़ रुपये की गिरावट हुई।

कंपनी के कुल शेयरों का बाजार मूल्य ही उसका एमकैप कहलाता है। इस दौरान एफएमसीजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के बाजार पूंजीकरण में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

एचयूएल का एमकैप 4,491.26 करोड़ रुपये गिरकर 2,55,179.55 करोड़ रुपये रहा। टाटा समूह की आइटी कंपनी टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 3,359.58 करोड़ रुपये घटकर 4,77,672.18 करोड़ रुपये हो गया।