वित्त वर्ष 2016-17 में 13,715 करोड़ की अघोषित आय उजागर

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नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2016-17 में आयकर विभाग ने 13,715 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने संसद में दी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अघोषित आय का पता सर्वे के जरिये लगाया गया है।

एक प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि बीते वित्त वर्ष में कम से कम 1.26 करोड़ नए टैक्सपेयर्स जुड़े हैं। बीते वित्त वर्ष में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1,152 समूहों के 5,102 परिसरों में तलाशी की थी। इस दौरान 15,496 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया गया है।

गंगवार ने बताया कि समान अवधि के दौरान किए गए कुल 12,526 सर्वे में 13,715 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते वर्ष 9 नवंबर से 31 मार्च 2017 के दौरान कुल 1.96 करोड़ आयकर रिटर्न भरे गए हैं।

जबकि वित्त वर्ष 2015-16 की समान अवधि में 1.63 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए थे। एक अन्य जवाब में संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि ऑपरेशन क्लीन मनी स्कीम के पहले चरण में 18 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका कैश ट्रांजेक्शन उनके टैक्स प्रोफाइल से मेल नहीं खा रहा है।

सरकार ने देश में बढ़ते कालेधन की समस्या से लड़ने के लिए बीते वर्ष 8 नवंबर को नोटबंदी लागू कर दी थी। इसके तहत 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था।

गंगवार ने यह भी बताया कि नोदबंदी के बाद अघोषित आय का पता लगाने के लिए आयकर विभाग ने ऑपरेशन क्लीबन मनी योजना लॉन्चक की थी। इसके मई में लॉन्च किये गये दूसरे चरण में विभाग ने जोखिम आधारित श्रेणी बनाई थी।

इस श्रेणी में करीब एक लाख लोगों को रखा गया है। इस तरह 7.54 लाख लोगों को मध्यकम जोखिम में और 5.95 लाख लोगों को निम्मं जोखिम वर्ग में रखा गया है।

नोटबंदी के बाद जब्त हुए 2.55 करोड़ के नकली नोट
नोटबंदी के बाद से सरकार ने कुल 2.55 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त किए हैं। सबसे ज्यादा नकली नोट गुजरात से जब्त किए गए।

गृह राज्यमंत्री हंसराज जी. अहीर ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के हवाले से लोक सभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से पुराने 500 और 1,000 रुपये के कुल 23,429 नोट जब्त किए जा चुके हैं।